
क्यों बढ़े दाम?
इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष है। इस युद्ध के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
भारत पर क्या असर?
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है। हालांकि अभी सरकार और तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं।
लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है और उन्हें घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल प्रीमियम ईंधन से इसकी शुरुआत हो चुकी है।








