सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा…’ SP दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी; अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा…’ SP दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी; अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल। मध्य प्रदेश भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी बुधवार को अचानक एक्शन मोड में नजर आए। प्रशासनिक निष्क्रियता से नाराज पूर्व मंत्री दोपहर में सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे और एसपी चेंबर के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि जब सूबे में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी? इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा…’ SP दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी; अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
बचपन के दोस्त और मीसाबंदी के प्लॉट पर कब्जे का है मामला
जानकारी के अनुसार, पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी अपने बचपन के मित्र और मीसाबंदी बसंत पुरोहित की एक शिकायत को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
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क्या है विवाद: पीड़ित बसंत पुरोहित ने करीब 25 साल पहले दीनदयाल (DD) नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में एक प्लॉट खरीदा था। दो महीने पहले जब वे जमीन की नपती कराने पहुंचे, तो पड़ोस में रहने वाले एक रसूखदार व्यक्ति ने उस प्लॉट को अपना बताकर विवाद शुरू कर दिया और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।
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थाने में नहीं हुई सुनवाई: कोठारी का आरोप है कि पीड़ित पक्ष पिछले दो-तीन महीनों से थानों के चक्कर काट रहा है। थाना स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने कुछ दिन पहले खुद एसपी अमित कुमार से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।
‘अधिकारी फैला रहे हैं अराजकता, जरूरत पड़ी तो छोड़ दूंगा भाजपा’
मीडिया से चर्चा करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता हिम्मत कोठारी का दर्द और गुस्सा साफ छलक आया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है। अधिकारी शहर में अराजकता फैला रहे हैं। अगर समय रहते भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई भी किसी की जमीन पर कब्जा करने लगेगा। मैं इस मामले को लेकर अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मांगूंगा और आमरण अनशन पर बैठूंगा। अगर इसके बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो मेरे पास भाजपा छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।”
पूर्व मंत्री को जमीन पर बैठा देख चेंबर से दौड़े आए SP
वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री के एसपी चेंबर के बाहर जमीन पर धरना देने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी अमित कुमार तत्काल अपने चेंबर से बाहर आए और कोठारी को हाथ जोड़कर अंदर चलकर चर्चा करने का आग्रह किया।
इसके बाद एसपी ने तुरंत डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव को तलब किया और पूरे मामले की फाइल खोलकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी
मामले को बढ़ता देख एसपी अमित कुमार ने स्थिति को संभाला। एसपी ने बताया कि, “पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी जी आए थे। इस जमीन विवाद से जुड़े दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया था, लेकिन वे समय पर दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे। पूर्व मंत्री जी की शिकायत को गंभीरता से सुन लिया गया है और उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए संबंधित थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।”
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश में नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधियों की लड़ाई को एक बार फिर हवा दे दी है, जिसकी गूंज अब भोपाल तक सुनाई दे रही है।

