सऊदी अरब पर हूती का बड़ा प्रहार: तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर मिसाइल हमले, ‘दावोस इन द डेजर्ट’ सम्मेलन स्थगित; विजन 2030 को लगा तगड़ा झटका
यश भारत (डिजिटल डेस्क) | अंतर्राष्ट्रीय डेस्क:सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमलों ने रियाद की सुरक्षा से लेकर उसकी अर्थव्यवस्था तक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। हूती विद्रोहियों का मुख्य मकसद सऊदी अरब की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के महत्वाकांक्षी ‘विजन 2030’ को पटरी से उतारना है। रियाद एयरपोर्ट से लेकर अरामको के प्रमुख तेल ठिकानों तक आग बरसने से वैश्विक निवेशकों में खलबली मच गई है।
‘दावोस इन द डेजर्ट’ सम्मेलन 2027 तक के लिए टला
हूती के बढ़ते हमलों और सुरक्षा चिंताओं के कारण सऊदी अरब के सबसे बड़े वैश्विक निवेश मंच ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ (FII)—जिसे ‘दावोस इन द डेजर्ट’ भी कहा जाता है-के 10वें संस्करण (26-29 अक्टूबर) को स्थगित करना पड़ा है। अब इस सम्मेलन को सीधे 2027 तक के लिए टाल दिया गया है।
सम्मेलन रद्द होने और सुरक्षा माहौल बिगड़ने के कारण वर्ष 2026 में सऊदी अरब की GDP में 3.6% गिरावट का अनुमान जताया गया है। तेल से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों में 21.8% की भारी गिरावट आने की आशंका है, जिससे गैर-तेल क्षेत्रों (पर्यटन, तकनीक, खेल) में विदेशी निवेश लाने की मुहिम सुस्त पड़ गई है।
रियाद से अरामको तक खौफ, वर्क फ्रॉम होम के आदेश
रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट, अबहा एयरपोर्ट, खमिस मुशैत एयर बेस, यानबू अरामको ऑयल फैसिलिटी और शायबा ऑयल फील्ड हूती के सीधे निशाने पर हैं। रियाद और खर्ग गवर्नरेट सहित दक्षिण-पश्चिम के नजरान इलाके में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि रियाद में सरकारी कर्मचारियों और कई बहुराष्ट्रीय (Multinational) कंपनियों ने अपने स्टाफ को घर से काम (Work from Home) करने के निर्देश दिए हैं।
यमन में खूनी जंग: ताइज की घेराबंदी और 13 एयर स्ट्राइक
सऊदी अरब की धरती पर हमलों के साथ-साथ यमन के भीतर भी जंग अपने सबसे भीषण मोड़ पर पहुँच गई है, यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर ताइज पूरी तरह हूती विद्रोहियों के कब्जे में आता दिख रहा है, जिससे यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सैन्य हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।सऊदी वायुसेना के F-15 और यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमानों ने ताइज गवर्नरट, अल-रबीई और धुबाब में हूती के गोला-बारूद भंडारों पर 13 भीषण एयर स्ट्राइक की हैं।यमन के शबवा स्थित अल-अलम कैंप पर हूती की बैलिस्टिक मिसाइल से हुए हमले में 53 नए रंगरूट मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। वहीं, सलाफी अल-तौहीद ब्रिगेड के 70 सदस्यों की मौत की भी खबर है।
हमलों की खौफनाक टाइमलाइन
- 10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर हूती का मिसाइल हमला; 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल।
- 13 अक्टूबर: जवाब में सऊदी अरब की एयरस्ट्राइक; यमन की राजधानी सना के तेल डिपो और रास ईसा पोर्ट तबाह।
- 13-14 अक्टूबर: हूती का जवाबी प्रहार; धहरान स्थित सऊदी अरामको (Aramco) मुख्यालय पर हमला।
- 19-20 अक्टूबर: यानबू और शायबा ऑयल फील्ड पर हूती के ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले जारी।










