होर्मुज संकट गहराया: डोनाल्ड ट्रंप–ईरान टकराव से तेल बाजार में उबाल, 150 डॉलर का खतरा
होर्मुज संकट गहराया: डोनाल्ड ट्रंप–ईरान टकराव से तेल बाजार में उबाल, 150 डॉलर का खतरा

होर्मुज संकट गहराया: डोनाल्ड ट्रंप–ईरान टकराव से तेल बाजार में उबाल, 150 डॉलर का खतरा। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
होर्मुज संकट गहराया: डोनाल्ड ट्रंप–ईरान टकराव से तेल बाजार में उबाल, 150 डॉलर का खतरा
कीमतों में तेज उछाल, बाजार में अनिश्चितता
हाल के घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और फिर ईरान के पलटवार ने बाजार को झकझोर दिया।
- ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार पहुंच गया
- WTI भी तेजी से ऊपर चढ़ा
- इससे पहले तनाव के कारण तेल कीमतें 110–120 डॉलर तक भी पहुंच चुकी हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाला करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है
ट्रंप बनाम ईरान: बयानबाजी से बढ़ा संकट
- ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान से बातचीत सकारात्मक रही
- लेकिन ईरान ने इसे “मनोवैज्ञानिक युद्ध” बताते हुए खारिज कर दिया
- दोनों देशों के बीच हमले और धमकियों ने तनाव को और बढ़ा दिया (
इस टकराव का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ा और कीमतें फिर उछल गईं।
150 डॉलर तक पहुंच सकता है तेल!
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है:
- अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहा
- तो तेल की कीमतें 110–120 डॉलर तक स्थिर हो सकती हैं
- और हालात बिगड़े तो 150 डॉलर प्रति बैरल तक जाने का खतरा है (
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा
- सप्लाई बाधित होने से महंगाई बढ़ने का खतरा
- ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा लागत में इजाफा
- कई देशों की आर्थिक ग्रोथ पर असर ()
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट 1970 के दशक के तेल संकट जैसा बड़ा झटका बन सकता है (
भारत के लिए क्या स्थिति?
तनाव के बीच भी भारत ने राहत के संकेत दिए हैं:
- भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज से गुजरने में सफल रहे (Reuters)
- वैकल्पिक सप्लाई (Plan B) पर काम जारी
- जरूरत पड़ने पर रणनीतिक भंडार (Strategic Reserve) का उपयोग संभव
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक चुनौती बन चुका है। जब तक यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, तेल बाजार में उथल-पुथ








