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Historic US-Iran Peace Deal: दुनिया को मिली युद्ध से मुक्ति-डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर; हटेंगे सभी प्रतिबंध

Historic US-Iran Peace Deal: दुनिया को मिली युद्ध से मुक्ति-डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर; हटेंगे सभी प्रतिबंध

Historic US-Iran Peace Deal: दुनिया को मिली युद्ध से मुक्ति-डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर; हटेंगे सभी प्रतिबंध

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर धकेलने वाली अमेरिका और ईरान की जंग आखिरकार हमेशा के लिए खत्म हो गई है। फ्रांस के वर्साय (Versailles) में आयोजित एक बेहद हाई-प्रोफाइल डिनर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक ऐतिहासिक शांति समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसके साथ ही दोनों महाशक्तियों के बीच पिछले लगभग चार महीनों से चला आ रहा भीषण सैन्य संघर्ष और तनाव पूरी तरह समाप्त हो गया है। इस ऐतिहासिक डील पर साइन होने के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, जिसका गवाह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भी बने।

जेडी वेंस और गालिबाफ ने पहले ही कर दिए थे डिजिटल साइन

इस महा-समझौते के परदे के पीछे कई मध्यस्थ देशों ने दिन-रात एक कर दिया था:Historic US-Iran Peace Deal: दुनिया को मिली युद्ध से मुक्ति-डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर; हटेंगे सभी प्रतिबंध

  • इलेक्ट्रॉनिक साइन: मुख्य समझौते से पहले रविवार को ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इस MoU पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन कर दिए थे।

  • पहुंची कॉपियां: बुधवार को दोनों राष्ट्रपतियों के फाइनल दस्तखत होने के बाद एग्रीमेंट की आधिकारिक कॉपियां ईरान, अमेरिका और मध्यस्थता करा रहे सभी देशों को भेज दी गई हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने खुद मीडिया के सामने ट्रंप के साइन वाली कॉपी दिखाकर इस शांति की पुष्टि की है।

US-Iran महा-डील के 10 सबसे बड़े और कड़क बिंदु:

इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच इन शर्तों पर अंतिम बात बनी है, जिसने पूरी दुनिया का भूगोल और अर्थशास्त्र बदल दिया है:

  1. ₹25 लाख करोड़ का निवेश: ईरान को खाड़ी देशों (Gulf Countries) के जरिए कुल 300 अरब डॉलर (300 Billion USD) का बंपर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट मिलेगा। इसमें से 150 अरब डॉलर का कमिटमेंट तुरंत हो चुका है।

  2. Underwater Superpower: ₹70,000 करोड़ के ‘प्रोजेक्ट-76’ से समंदर में मचेगा तहलका- MDL और L&T स्वदेशी पनडुब्बी बनाने की रेस में आमने-सामने

  3. ज़ब्त पैसा वापस मिलेगा: अमेरिका द्वारा फ्रीज (ज़ब्त) किए गए ईरान के 150 अरब डॉलर उसे वापस सौंपे जाएंगे। यह रकम किस्तों में ईरान के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी।

  4. प्रतिबंधों का खात्मा: अमेरिका, ईरान पर लगाए गए सभी तरह के कड़े आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा लेगा।

  5. तेल एक्सपोर्ट की छूट: ईरान को दुनिया भर में अपना कच्चा तेल (Oil) और पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट करने की पूरी आजादी दोबारा मिल जाएगी।

  6. होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से अगले 30 दिनों के भीतर समुद्री ट्रैफिक पूरी तरह नॉर्मल कर दिया जाएगा।

  7. अमेरिकी सेना की वापसी: अमेरिका अपनी नौसेना और घातक लड़ाकू जहाजों को ईरान की सीमाओं और खाड़ी क्षेत्र के पास से तुरंत पीछे हटाएगा।

  8. परमाणु हथियारों पर नो-एंट्री: ईरान दुनिया को लिखित गारंटी देगा कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) नहीं बनाएगा।

  9. इंटरनेशनल मॉनिटरिंग: ईरान के परमाणु कार्यक्रम की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) द्वारा नियमित निगरानी की जाएगी।

  10. 60 दिनों का अल्टीमेटम: अगले 60 दिनों के भीतर दोनों देश फाइनल पीस एग्रीमेंट की बची हुई तकनीकी कड़ियों को सुलझाने के लिए दोबारा आमने-सामने बैठेंगे।

  11. UNSC की मुहर: इस पूरे फाइनल एग्रीमेंट को अंतिम रूप से यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UN Security Council) से भी आधिकारिक मंजूरी दिलाई जाएगी।

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