स्वास्थ्य-शोध: डायबिटीज मरीजों में हार्ट अटैक और किडनी फेलियर का कारण बने 2 प्रोटीन; GMC भोपाल के शोध में बड़ा खुलासा

स्वास्थ्य-शोध: डायबिटीज मरीजों में हार्ट अटैक और किडनी फेलियर का कारण बने 2 प्रोटीन; GMC भोपाल के शोध में बड़ा खुलासा
कौन से हैं ये 2 प्रोटीन और कैसे पहुँचाते हैं नुकसान?
गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के शोध के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के खून में दो खास प्रोटीन्स का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है:
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इंटरल्यूकिन (IL)-6
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ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर (TNF)-अल्फा
नुकसान का कारण: ये दोनों प्रोटीन शरीर में इंसुलिन के असर को कम कर देते हैं और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सीधा नुकसान पहुँचाते हैं। इसी वजह से मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा 12 से 14 गुना तक बढ़ जाता है।
492 लोगों पर किया गया शोध
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सैंपल साइज: जीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में आए 246 टाइप-2 डायबिटीज मरीजों और 246 स्वस्थ व्यक्तियों पर यह अध्ययन किया गया।
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चौंकाने वाले नतीजे: जिन डायबिटीज मरीजों को पहले से किडनी, आंख या दिल से जुड़ी समस्याएं थीं, उनके खून में ये सूजन बढ़ाने वाले प्रोटीन स्वस्थ व्यक्तियों की तुलना में 3 से 5 गुना अधिक पाए गए।
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जर्नल में प्रकाशन: इस महत्वपूर्ण रिसर्च के नतीजों को प्रतिष्ठित ‘जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च’ (Journal of Clinical and Diagnostic Research) में प्रकाशित किया गया है।
डॉक्टरों की सलाह: समय पर जांच से बचेगा जोखिम
डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते शरीर में इन प्रोटीन्स या सूजन के स्तर की पहचान हो जाए, तो उसके अनुरूप सटीक इलाज शुरू करके हार्ट, किडनी और आंखों से जुड़े खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।








