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पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में हीलियम संकट, सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन उद्योग प्रभावित

पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में हीलियम संकट, सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन उद्योग प्रभावित

पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में हीलियम संकट, सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन उद्योग प्रभावित, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने भारत में हीलियम गैस की आपूर्ति को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। कतर से 35% वैश्विक हीलियम सप्लाई रुकने और ईरान के हमलों के बाद निर्यात घटने के कारण सेमीकंडक्टर, ऑप्टिकल फाइबर और स्मार्टफोन उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस कमी के चलते हीलियम की कीमतें लगभग 50% तक बढ़ गई हैं।

पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में हीलियम संकट, सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन उद्योग प्रभावित

सरकार ने उठाए कदम

सरकार देश में हीलियम सप्लाई बहाल करने के लिए सक्रिय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने अमेरिका और अल्जीरिया से सप्लाई बढ़ाने के लिए संपर्क किया है। भारत में हीलियम की कमी मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावटों और वैश्विक उत्पादन केंद्रों की निर्भरता के कारण आई है।

उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र पर असर

हीलियम का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में वेफर को ठंडा रखने, ऑप्टिकल फाइबर निर्माण और स्मार्टफोन बनाने में किया जाता है। इसके अलावा, यह MRI मशीनों में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट को ठंडा रखने के लिए भी जरूरी है। भारत में लगभग 5,000–7,000 MRI मशीनें संचालित हैं, जिनमें से अधिकतर आयातित हैं। इस गैस की कमी से इन मशीनों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हीलियम सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो तकनीकी उद्योगों में उत्पादन धीमा हो सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं में भी समस्या पैदा हो सकती है। पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में हीलियम संकट, सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन उद्योग प्रभावित

 

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