सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। वहीं, पावर ग्रिड ही एकमात्र कंपनी रही जिसने बढ़त दर्ज की।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और FII आउटफ्लो बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहा है। मार्च 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय इक्विटीज से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाले, जिससे लगातार बिकवाली का दबाव बना।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार को झटका देने का कारण बना। ब्रेंट क्रूड 115.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
इस समय निवेशकों के लिए सतर्क रहना और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है।








