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अखबारी कागज से 5 फीसदी सीमा शुल्क माफ करे सरकार, INS का केंद्र सरकार से आग्रह

अखबारी कागज से 5 फीसदी सीमा शुल्क खत्म करे सरकार, INS का केंद्र सरकार से आग्रह किया है । मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर गंभीर असर डाला है और इससे अखबारी कागज की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार को तत्काल अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क पर पुनर्विचार करना चाहिए।

भारतीय न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क को खत्म किया जाए, ताकि प्रकाशक अपने संचालन लागत को ज्यादा प्रभावी तरीके से मैनेज कर सकें।

भारतीय अखबारों और पत्रिकाओं के संगठन आईएनएस के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा, अखबारी कागज की उपलब्धता और मूल्य पर कई कारक मिलकर प्रभाव डालते हैं। भूराजनीतिक अस्थिरता, आपूर्ति, रुपये का अवमूल्यन और सीमा शुल्क मिलकर देश के प्रकाशकों पर गंभीर बोझ डाल रहे हैं।

मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर गंभीर असर डाला है और इससे अखबारी कागज की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार को तत्काल अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क पर पुनर्विचार करना चाहिए।

शर्मा ने कहा, यदि यह शुल्क वापस लिया जाता है तो इससे देश के मुद्रण उद्योग को राहत मिलेगी जो लंबे समय से प्रतीक्षित है। इससे प्रकाशकों को संचालन लागत का प्रबंधन करने में आसानी होने के साथ जनता तक विश्वसनीय खबरों का नियमित रूप से प्रसार सुनिश्चित हो सकेगा।

लाल सागर में परिवहन जहाजों को लगातार निशाना बनाए जाने से स्थिति और खराब हुई है। इससे जरूरी सामान के साथ अखबारी कागज की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। अखबारी कागज के आपूर्तिकर्ता प्रकाशकों के पहले के आदेशों को भी कैंसिल कर रहे हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम