सरकारी डेटा बना हथियार: बिश्नोई गैंग का नया हाईटेक रंगदारी मॉडल
सरकारी डेटा बना हथियार: बिश्नोई गैंग का नया हाईटेक रंगदारी मॉडल, मध्य प्रदेश में सक्रिय हुए लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी हैरी बाक्सर गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर हाईटेक तरीका अपना रहा है और सरकारी पोर्टलों के जरिए अमीर लोगों को निशाना बना रहा है।
सरकारी डेटा बना हथियार: बिश्नोई गैंग का नया हाईटेक रंगदारी मॉडल
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपितों ने बताया कि गिरोह के सदस्य GST और RERA जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म से कारोबारियों और धनाढ्य व्यक्तियों की जानकारी जुटा रहे हैं। इन पोर्टलों पर कंपनियों का टर्नओवर, प्रमोटरों के नाम, पते और प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी आसानी से मिल जाती है।
इसी डेटा के आधार पर गिरोह के सदस्य संभावित शिकार की पहचान करते हैं। बताया जा रहा है कि विदेश में बैठा हैरी बाक्सर और अजमेर जेल में बंद उसका साथी रितिक बाक्सर मिलकर कारोबारियों को टारगेट करते हैं। इसके बाद उन्हें फोन कॉल के जरिए करोड़ों रुपये की रंगदारी की मांग की जाती है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपराध के नए तरीके अपना रहा है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए चुनौती भी बढ़ गई है।

