राष्ट्रीयव्यापार

भू-राजनीतिक तनाव से सोना-चांदी बने सेफ-हेवन, FY27 में तेजी की उम्मीद

भू-राजनीतिक तनाव से सोना-चांदी बने सेफ-हेवन, FY27 में तेजी की उम्मीद, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक तनाव और बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के कारण आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भी सोने और चांदी की मांग मजबूत रहेगी। निवेशक शेयर बाजार के जोखिम से बचने के लिए इन्हें एक सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) के रूप में देख रहे हैं।

FY26 में रिकॉर्ड तेजी

घरेलू बाजारों में वित्त वर्ष 2026 में चांदी के वायदा भाव 99,461 रुपए/किग्रा से बढ़कर 1,41,431 रुपए, यानी 142% तक उछल गए। वहीं सोना 90,503 रुपए/10 ग्राम से बढ़कर 60,258 रुपए, यानी 67% तक बढ़ा। यह बढ़त मुख्यतः भू-राजनीतिक तनाव, ट्रेड वॉर, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी और आपूर्ति में कमी के कारण आई। हालांकि मार्च में कीमतों में थोड़ी गिरावट भी आई थी: सोना 7% और चांदी 15% तक लुढ़क गई।

FY27 में क्या रहेगा रुझान?

चॉइस ब्रोकिंग के विश्लेषक आमिर मकदा के अनुसार: FY27 में चांदी की घरेलू कीमतें 2.75–3.5 लाख रुपए/किग्रा और अंतरराष्ट्रीय कीमतें 85–100 USD/औंस के बीच रह सकती हैं। सोने की मांग केंद्रीय बैंकों और सेफ-हेवन निवेश की वजह से मजबूत बनी रहेगी। भारत, पोलैंड और तुर्की जैसी अर्थव्यवस्थाएं अपने US डॉलर रिजर्व को सोने में बदलती रहेंगी।

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तेल और डॉलर का असर

FY27 में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने और मांग में धीमी वृद्धि के कारण तेल सस्ता रह सकता है, जिससे महंगाई कम होगी और कीमती धातुओं पर दबाव पड़ सकता है।डॉलर की मजबूती या कमजोरी भी सोना-चांदी की कीमतों पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक जोखिम, केंद्रीय बैंकों की मांग और औद्योगिक खपत जैसी प्रमुख वजहों से FY27 में भी सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बने रहेंगे, भले ही बीच-बीच में कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम