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GoAir के कर्मचारियों को बड़ी राहत! कंपनी ने ट्रांसफर की 40% लोगों की सैलरी

नई दिल्ली कोरोना वायरस की वजह से एविएशन सेक्टर को तगड़ी मार पड़ी है. कई एयरलाइन कंपनियों को सैलरी तक देने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच एक राहत भरी खबर ये है कि एयरलाइन कंपनी गोएयर ने अपने 40 फीसदी कर्मचारियों की सैलरी दे दी है. बाकी लोगों की सैलरी ग्रेड और डिफर्ड (deferred) के आधार पर दी जाएगी. इस बात की जानकारी कंपनी की प्रमोटर नुस्ली वाडिया (Nusli Wadia) और जेह वाडिया (Jeh Wadia) ने अपने कर्मचारियों को लिखी एक चिट्ठी में बताया है
2500 कर्मचारियों को सैलरी दी गई
कंपनी में 40 फीसदी कर्मचारियों का मतलब 2,500 कर्मचारियों को सैलरी दी गई है. प्रमोटरों ने ये भी बताया कि कोरोना वायरस की वजह से परिस्थितियां बिगड़ने पर एयरलाइन ने बिना वेतन के अस्थाई छुट्टी (temporary leave) पर कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से को भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि किसी को भी एयरलाइन कंपनी से नहीं निकाला गया है
दो लोगों ने कहा कि हमारे बोर्ड, चेयरमैन और एमडी ने कोई वेतन नहीं लिया.
बता दें कि नुस्ली वाडिया एयरलाइन कंपनी की चेयरमैन हैं. उनके बेटे जेह में बोर्ड में शामिल हैं और विनय दुबे कंपनी के CEO हैं. मनीकंट्रोल ने एक मेल कॉपी देखी है जो कि 3 मई को भेजा गया था
मार्च में लॉकडाउन घोषित किए जाने से कई एयरलाइंस कंपनियों के विमान जमीन पर उतर गए हैं, लिहाजा उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कठिनाई के इस दौर में गोएयर भी शामिल है. लॉकडाउन 3 शुरु हो चुका है, भले ही इसमें कई तरह की ढील दी गई है, लेकिन उड़ानें अभी बंद है. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि जब उड़ानें शुरु होंगी उसके पहले सूचित कर दिया जाएगा. ताकि वो टिकटों की बुकिंग कर सकें
टिकटों के रिफंड का दबाव
बिना बुकिंग के टिकट रद्द करने और टिकटों का रिफंड देने के चलते एयरालइंस कंपनियों में काफी दबाव है, लिहाजा एयरलाइंस कंपनियां कर्माचारियों के वेतन में कटौती कर रही हैं. कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी फर भेज रही हैं साथ ही कुछ एयरलाइंस कंपनियों ने विदेशी पायलटों को भी जाने दिया है. दो प्रमोटरों ने बताया कि वो वित्तीय सहायता के लिए एविएशन मिनिस्ट्री और सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं. ग्लोबल लेवल पर अगर देखें तो तकरीबन सभी सरकारें अपने यहां एयरलाइंस कंपनियों को वित्तीय सहायता करती हैं
कंपनी की 24 मार्च के बाद से कमाई नहीं हुई
वाडिया ने कहा कि हम इंडियन बैंकिंग सिस्टम से वित्तीय सहायता के लिए अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वो इस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं कि वो RBI की सलाह के बावजूद एयरलाइन कंपनियों को कुछ आर्थिक सहायता कैसे करें. वित्तीय परेशानियों को बताते हुए प्रमोटरों ने कहा कि एयरलाइन के पास मार्च के पहले 17 से 24 दिनों में कुछ कमाई हुई थी, लेकिन इसके बाद कमाई शून्य हो गई है. कैश की किल्लत को देखते हुए वाडिया ने कहा कि मार्च और अप्रैल का वेतन देने के लिए उनके पास दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद निर्णय लेने के सिवाय कोई चारा नहीं था.

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