G20 में लिखी गई थी भारत-कनाडा विवाद की स्क्रिप्ट, उस मीटिंग के 3 किरदार और ट्रूडो का सियासी दांव
खालिस्तानी आतंकियों के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर ‘इंटेलिजेंस इनपुट’ होने की बात कही। उन्होंने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों के शामिल होने का आरोप लगा दिया।
इसके बाद ट्रूडो कई बार इस मुद्दे पर बोलते नजर आए। भारत ने इन आरोपों के बाबत सबूत मांगे, तो कनाडा सरकार ने कोई दस्तावेज नहीं सौंपा। बढ़ते विवाद के बीच कनाडा सरकार ने यह दावा भी कर दिया कि निज्जर की हत्या का इनपुट केवल कनाडाई खुफिया इकाई से ही नहीं, बल्कि ‘फाइव आइज’ गठबंधन खुफिया नेटवर्क से भी मिला था। केंद्र सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया, कनाडा सरकार जानबूझकर इस विवाद को आगे ले जा रही है। दरअसल, जी20 के दौरान ही इस विवाद की स्क्रिप्ट लिखी गई थी। दोनों मुल्कों के तीन किरदारों के बीच एक खास मीटिंग हुई। उस बैठक का जो नतीजा निकला, उसकी आड़ लेकर कनाडा के पीएम ट्रूडो ने अपना सियासी दांव चल दिया।
एनएसए थॉमस ने नहीं दिया कोई सबूत
सूत्रों के मुताबिक, जी20 के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कनाडा में उनके समकक्ष जोडी थॉमस की मुलाकात हुई। इसके बाद ‘जोडी थॉमस’ और भारतीय इंटेलिजेंस चीफ ने बातचीत की। यह मुलाकात पीएम मोदी और कनाडा के पीएम ट्रूडो की वार्ता से पहले हो चुकी थी। कनाडा के एनएसए ने निज्जर की हत्या का मामला उठाया था। उन्हें स्पष्ट तौर पर बताया गया कि निज्जर की हत्या में भारत का कोई हाथ नहीं है। हालांकि भारत ने कनाडा में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों की सूची से एनएसए को अवगत करा दिया था। उन्हें यह भी बताया गया कि निज्जर के खिलाफ भारत में कितने केस दर्ज हैं। जब कनाडा के एनएसए ‘जोडी थॉमस’ ने अपनी बात पर जोर दिया, तो भारत ने उनसे निज्जर की हत्या से जुड़े सबूत मांगे थे। उस दौरान एनएसए थॉमस द्वारा कोई सबूत नहीं दिया गया। उन्होंने ऐसा कोई आश्वासन भी नहीं दिया। उसके बाद कनाडा पहुंचते ही पीएम ट्रूडो ने वहां की संसद में निज्जर की हत्या को लेकर विवादित बयान दे दिया।