Monday, April 27, 2026
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Fulki : फुल्‍की के ठेले पर पति‍ से बोली पहले मुझे क्‍यों नहीं दी पानीपुरी, हंगामा इतना कि‍ आपस में चले लाठी डंडे

Fulki : फुल्‍की के ठेले पर पति‍ से बोली पहले मुझे क्‍यों नहीं दी पानीपुरी, हंगामा इतना कि‍ आपस में चले लाठी डंडे। एक फुल्‍की चाट को लेकर ऐसा कोई हंगामा होगा आप कभी सोच भी नहीं सकते है। पर ऐसा  मामाला सामने आया है जि‍समें लाठी डंडे चल गए।
बिहार के बांका में पति-पत्नी और सास फुल्‍की खाने के लिए मार्केट आए. पति ने फुल्‍कीकी प्लेट पत्नी को न देकर पहले अपनी मां को दे दी. पत्नी इस बात पर नाराज हो गई. दोनों के बीच दुकान के बाहर बहस बाजी हो गई. पत्नी ने अपने मायके वालों और पति ने अपने घर वालों को बुला लिया. दोनों पक्षों में फिर जमकर मारपीट हुई. हंगामा बरपा तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

 

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बिहार के बांका में गोलगप्पा खाने को लेकर पति-पत्नी आपस में भिड़ गए. पति अपनी मां और पत्नी के साथ मार्केट आया था. तीनों फुल्‍की खाने के लिए एक दुकान पर रुके. पति ने दुकानदार से तीन प्लेट फुल्‍की बनाने को कहा. पति ने जैसे ही अपनी मां को फुल्‍की की प्लेट दी को पत्नी ने नाराज हो गई. कहने लगी कि तुमने मुझे पहले क्यों नहीं दी फुल्‍की की प्लेट? बस फिर क्या था. पति और पत्नी की दुकान में ही बहसबाजी के बाद लड़ाई शुरू हो गई.

तकरार बढ़ी तो पत्नी ने अपने मायके वालों को बुला लिया. पति ने भी अपने परिवार वालों को बुला लिया. दोनों पक्षों के बीच फिर जमकर लाठी डंडे चले. हंगामा इतना बरपा कि पुलिस को बुलाना पड़ गया. पुलिस के आते ही दोनों पक्ष फुल्‍की की बात छोड़कर एक दूसरे पर कुछ और ही इल्जाम लगाने लगे. पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं. पति ने आरोप लगा कि पत्नी उसकी मां की सेवा नहीं करती. पुलिस ने फिर बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों के बीच सुलह करवाई.

मामला जगतपुर मोहल्ले का है. यहां रहने वाले पति-पत्नी ने सोमवार शाम को गोलगप्पे की दुकान के बाहर जमकर हंगामा किया. पति ने अपनी पत्नी और मां के लिए गोलगप्पे की प्लेट ऑर्डर की थी. लेकिन पत्नी इस बात पर गुस्सा हो गई कि पति ने फुल्‍की की प्लेट पहले उसे न देकर अपनी मां को दे दी. पति सुधांशु राय और पत्नी सपना कुमारी दुकान के बाहर सबके साममे लड़ते रहे. तभी सपना ने फोन करके अपने मायके वालों को बुला लिया.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम