फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से टला 9/11 जैसा बड़ा आतंकी हादसा; जानें क्या थे वे 37 सेकंड और इमरजेंसी कोड्स का गणित

फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से टला 9/11 जैसा बड़ा आतंकी हादसा; जानें क्या थे वे 37 सेकंड और इमरजेंसी कोड्स का गणित

दुबई / यरुशलम: दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की फ्लाइट FZ 1073 में हुए एक सनसनीखेज हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस और वीरता की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। ओमान मूल के को-पायलट ने उड़ान के दौरान कॉकपिट पर कब्जा करने और विमान को क्रैश करने की नीयत से कैप्टन स्मित पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्री और क्रू मेंबर्स अंदर घुसे और हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

इजराइली सरकार के पूर्व प्रवक्ता एलन लेवी ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा, “इजराइल का मानना है कि यह एक आतंकी हमले की कोशिश थी और अगर उस बहादुर भारतीय कैप्टन ने साहस न दिखाया होता तो यह इजराइल के लिए 9/11 जैसी खौफनाक त्रासदी हो सकती थी।”

महज 37 सेकंड में 14,300 फीट नीचे गिरा विमान

कॉकपिट में हुई हाथापाई और अचानक गोता लगाने (nosedive) के कारण बोइंग 737 विमान महज 37 सेकंड के भीतर 14,300 फीट नीचे आ गया।

इमरजेंसी में कैसे नीचे उतरता है विमान (Emergency Descent Procedure)

जब भी किसी विमान को आपात स्थिति में तेजी से नीचे लाना होता है, तो पायलट एक निर्धारित चेकलिस्ट का पालन करते हैं:

  1. थ्रॉटल को ‘आइडल’ करना: विमान की गति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकने के लिए इंजन पावर को न्यूनतम (Idle) कर दिया जाता है।

  2. स्पीडब्रेक खोलना: पंखों (Wings) पर लगे फ्लाइट स्पॉयलर को पूरी तरह खोल दिया जाता है ताकि विमान 5,000 से 7,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से बिना खतरनाक स्पीड पकड़े नीचे उतर सके।

  3. टारगेट ऊंचाई (10,000 फीट): विमान को मुख्य रूप से 10,000 फीट की ऊंचाई पर लाया जाता है जहाँ हवा में पर्याप्त ऑक्सीजन होती है और यात्री बिना मास्क के सांस ले सकते हैं।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजे गए ‘स्क्वाक कोड्स’ (Squawk Codes)

Flightradar24 के डेटा के अनुसार, उड़ान भरते ही विमान से दो विशेष ट्रांसपोंडर इमरजेंसी कोड भेजे गए, जिनसे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं:

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