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EPFO को लेकर सरकार ने लिए बड़े फैसले, निकाल सकेंगे 75 प्रतिशत रकम

नई दिल्ली। देश में Coronavirus के कारण हर तरफ काम बंद है और लोगों के सामने मुश्किलें हैं वहीं इन्ही मुश्किलों के बीच केंद्र सरकार न गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक के लिए आर्थिक और अन्न की सहायता पहुंचाने के लिए पैकेज की घोषणा की है। 1.70 लाख करोड़ के इस पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने की है और इसी के तहत EPFO से जुड़ी दो बड़ी घोषणाएं भी की गई हैं। इन घोषणाओं का सीधा असर करोड़ों EPFO सदस्यों को होने वाला है।

क्या होगा आप पर असर

तीन महीने का अंशदान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज में जो पहली घोषणा की है जिसके अनुसार अगले तीन महीने तक सरकार इन कर्माचारियों और उनके नियोक्ता की तरफ से पीएफ का अंशदान देगी जिन कंपनियों में 100 से कम कर्मचारी काम करते हैं साथ ही उस कंपनी के 90 प्रतिशत कर्मचारी 15,000 रुपए से कम की तनख्वाह पाते हों। इसका मतलब है कि अगले तीन महीने तक सरकार आपका और कंपनी दोनों की तरफ से आपी सैलरी का का कुल 24 प्रतिशत अंशदान पीएफओ में जमा करेगी। इसका फायदा यह होगा कि लगातार लॉकडाउन से आपके नियोक्ता को यदि आर्थिक रूप से समस्या का सामना करना पड़ता है तो भी आपके पीएफ का अंशदान निधि नहीं रूकेगी। इससे 80 लाख मजदूरों को और 4 लाख संगठित इकाइयों को फायदा मिलेगा।

निकाल सकेंगे 75 प्रतिशत एडवांस

वित्त मंत्री ने जो एक और ऐलान किया है उसमें उन्होंने कहा है कि कर्माचारी चाहें तो इस दौरान अपने पीएफ अकाउंट के क्रेडिट से 75 प्रतिशत नॉन रिफंडेबल अमाउंट या फिर तीन महीने की सैलरी जो भी कम हो उसे निकाल सकेंगे। सरकार ने इसके लिए EPF के नियमों में संशोधन की बात कही है ताकि इस महामारी और बंद के दौरान लोगों को आर्थिक समस्याओं का सामना ना करना पड़े। अब तक कर्मचारी रिटायरमेंट के एक साल पहले ही पीएफ की 90 प्रतिशत राशि निकालने का अधिकार रखता था वहीं 75 प्रतिशत राशि तब ही निकाल सकता था जब वो बेरोजगार हो गया हो। वहीं शादी और शिक्षा के लिए 50 प्रतिशत रकम निकालने की ही अनुमित थी। सरकार के इस फैसले से 4.8 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

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