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Ease of Doing Business:: मोदी सरकार ने सात साल में किए ये अहम सुधार, देश में बिजनेस करना हुआ और आसान

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस तरह पहले और अब तक के दूसरे कार्यकाल को मिला लिया जाए तो मोदी सरकार के कुल सात साल पूरे हो गए हैं।

इन सात वर्षों में केंद्र सरकार ने देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।

इसी कड़ी में सरकार ने कई ऐसे विधायी उपाय भी किए हैं, जिससे देश में कारोबार करना सुगम हो गया है। सरकार की ओर से जारी इस संदर्भ में कई इन्फ्रोग्राफिक्स जारी किए गए हैं।

सरकार ने कहा है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुगम बनाने के लिए उसने ये कदम उठाए हैंः

  1. इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 (IBC) और बाद में इसमें किए गए संशोधनों से दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ी कुछ खास परेशानियों को दूर करने में मदद मिली।

साथ ही इससे कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को भी मजबूती मिलेगी।

  1. आईबीसी, 2016 के तहत कॉरपोरेट के लिए डिफॉल्ट की सीमा एक लाख रुपये थी। PM Garib Kalyan Package के तहत इसे एक करोड़ रुपये किया गया।

  2. IBC (Amendment) Act, 2020 से CIRP के तहत कार्रवाई से अस्थायी राहत मिल जाती है। यह कोविड-19 से प्रभावित कंपनियों के लिए काफी रिलीफ वाला कदम है।

  3. कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2019 से इनफोर्समेंट एजेंसियों को मजबूती मिली है।

  4. कंपनीज एक्ट, 2013 के तहत टेक्निकल और प्रोसेस जुड़े उल्लंघनों को अपराध की सूची से बाहर कर दिया गया है।

इसी के साथ सरकार ने कहा है कि निर्यातकों के लिए ‘निर्विक’ नामक एक नई निर्यात ऋण बीमा योजना लाई गई है। इस योजना में बैंकों द्वारा निर्यात ऋण के लिए बीमा कवर को 60 फीसद से बढ़ाकर 90 फीसद कर दिया गया है। इससे भी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिला है।

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