katniमध्यप्रदेश

ड्राइवर संघ ने कलेक्ट्रेट में अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, कुठला पुलिस द्वारा आरोपी से सांठ-गांठ कर हत्या का प्रकरण दर्ज न किये जाने का आरोप लगाया

ड्राइवर संघ ने कलेक्ट्रेट में अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, कुठला पुलिस द्वारा आरोपी से सांठ-गांठ कर हत्या का प्रकरण दर्ज न किये जाने का आरोप लगाय

कटनी – ट्रक ड्राइवर मौत के मामले मे आज डाइवर संघ द्वारा अर्धनग्न होकर परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे जिसमें मृतक के बडे भाई राजेश दुबे पिता रामस्नेही दुबे निवासी ग्राम पडरी, थाना जमोडी जिला सीधी म.प्र. के मामले में कुठला पुलिस द्वारा आरोपीगण से सांठ-गांठ कर हत्या का प्रकरण दर्ज न किये जाने का आरोप लगाया है
आवेदक अपने परिवार के साथ ग्राम पडरी, थाना जगोडी जिला सीधी म.प्र. में रहता हूँ। मेरा भाई राजेश दुबे ट्रक ड्राइवर था मेरे भाई राजेश दुबे का ड्रायविंग लाइसेंस बैढन न्यायालय के द्वारा माह अप्रैल 2025 में मोटर व्हीकल प्रकरण में 6 माह के लिये निरस्त किया गया था. मेरा भाई घर में ही रहता था, तथा मेरा भाई ड्रायवरी का काम नहीं कर रहा था। 30 मई को आरोपी सतीशचन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट के मालिक के द्वारा राजेश्वर मिश्रा, निवासी सिंगरौली म.प्र. को फोन पर मेरे भाई राजेश दुबे के फांसी लगाये जाने की सूचना दी गई थी तथा राजेश्वर मिश्रा के द्वारा हमें सूचित किये जाने पर हम लोग तुरन्त कटनी आये थे। यह कि मैं अपने परिवार के साथ जब कटनी आया था, तब मेरे द्वारा व मेरे परिवार द्वारा मेरे बड़े भाई राजेश दुबे के शव का अवलोकन किया गया था, मेरे भाईपति के पूरे शरीर में चोटो के नीले निशान थे, तथा दोनों पैर के तलबे में नीलापन मौजूद था, हमारे द्वारा तहसीलदार को भी उपरोक्त संबंध में अवगत कराया गया था।

यह कि जिस स्थान पर मेरे भाई के साथ घटना हुई है वह स्थान का मुजायना किये जाने पर यह पाया गया कि जिस तरह की घटना सतीश चन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट और उनके कर्मचारियो द्वारा बताई जा रही है वह पूर्णतः मनगढंत, और झूठी है और सतीशचंद्र रावत और उनके कर्मधारियो द्वारा भिन्न भिन्न कथन दिये जा रहे थे, तथा मेरे भाई के शव की जो फोटो जो हमने देखी है उसमें मेरे भाई के पैर जमीन पर टिके हये थे, हाथ रहस्मय ढंग से सीने में टिका हुआ था तथा जिस रस्सी से लटकना बताया जा रहा था और शव के साथ जो गमछा था वह पूर्णतः अलग है। यह कि मुझ आवेदक को यह जानकारी प्राप्त हुयी है कि सतीशचन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट के द्वारा दिनांक 22 मई को ड्राइवर मोहित पाण्डेय के द्वारा ट्रक से लोड सरिया खुर्द बुर्द किये जाने की रिपोर्ट थाना बडवारा में की गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि मेरे भाई द्वारा कोई आत्महत्या नहीं की गई है, मुझे यह जानकारी मेरे भाई की हत्या के उपरांत प्राप्त हुई कि 28 जून को मेरे भाई को रात में 11 से 12 बजे के बीच पुराने बस स्टेण्ड में मनीष शिवहरे और शिवम विश्वकर्मा मेरे भाई के साथ गाली गलौज और मारपीट कर रहे थे, इसी समय पेट्रोलिंग के समय सीधी कोतवाली पुलिस वाले मेरे भाई राजेश दुबे, मनीष शिवहरे, ओर शिवम विश्वकर्मा सभी को पकडकर सीधी कोतवाली लाये थे। यह कि सीधी पुलिस द्वारा मनीष शिवहरे, और शिवम विश्वकर्मा को थाने में बैठाये रखने की जानकारी मिलते ही सतीशचन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट के द्वारा सीधी कोतवाली पहुंचकर पुलिस के साथ सांठ गांठ करते हुये अपने कर्मचारी मनीश शिवहरे, शिवम विश्वकर्मा एवं साथ ही मेरे भाई राजेश दुबे को कोतवाली थाने से छुडा लिया था तथा थाने के बाहर जब मेरे भाई निकलने लगे तभी उनका अपहरण करके कटनी दिनांक 29 मई को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच में ले आये थे। यह कि 30 मई को मोबाइल 9131066650 से फोन मेरी भाभी पूनम दुबे की माता गिरजा द्विवेदी के गोबाइल पर आया था जिसमें सिम राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी के नाम से है और मेरी भाभी पूनम दुबे को लगातार धमकाया जा रहा था कि तुम अपने पति को बचाना चाहती हो तो तुरन्त 15 लाख रूपये अविनाश कैरियर ट्रांसपोर्ट पुरैनी आओं तथा मेरे भाई रमेश दुबे के मोबाइल नंबर-9340526209 पर सतीशचन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट के द्वारा अपने मोबाइल नंबर 9926274915 से मेरे भाई राजेश दुबे से बात कराई गई थी तथा मेरे भाई राजेश दुबे ने मेरे भाई रमेश को बोला था कि सीधी से मोहित पाण्डेय और राजेश्वर मिश्रा को तुरन्त कटनी लेकर आओ और मुझे माओ नहीं तो ये लोग मुझे जान से मार देगें इतना बोलते ही फोन काट दिया गय था, मेरे भाई रमेश दुबे ने कई बार उक्त नंबर पर फोन लगाने की कोशिश की लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था।

यह कि कुछ देर बाद 30 मई को ही सतीशचन्द्र रावत अविनाश रोड कैरियर ट्रांसपोर्ट के द्वारा राजेश्वर मिश्रा के मोबाइल पर फोन लगाकर यह जानकारी दी गई कि राजेश दुबे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, जबकि कुछ समय पहले ही मेरे भाई की सभी से बात हो रही थी तथा मेरे भाई राजेश दुबे द्वारा भी उसे मार देने के संबंध में जानकारी दी थी।

यह कि हमारे द्वारा राजेश्वर मिश्रा से यह कहा गया कि हम लोग तुरन्त पहुंच रहे है, लेकिन हमारे पहुंचने के पूर्व ही कुठला थाने की पुलिस उपनिरीक्षक रवि शुक्ला द्वारा मुझ आवेदक के मोबाइल पर फोन करके यह सूचना दी गई कि आपके भाई राजेश दुबे ने सुसाइड कर लिया है और हमने उनका शव अविनाश कैरियर ट्रांसपोर्ट पुरैनी आफिस में रखा है। मेरे द्वारा उपनिरीक्षक महोदय से यह निवेदन किया गया था कि मेरे भाई राजेश दुबे के मामले में जो कार्यवाही कर रहे हो आप उसकी वीडियो ग्राफी करिये, उन्होने कहा कि जांच का विषय है, और आप अपने भाई का शव ले जाइये, मुझ आवेदक ने यह भी कहा था कि जब तक हम न आये मेरे भाई राजेश दुबे के शव के साथ कोई भी छेडखानी नही होना चाहिये, और जब हम 31 मई को सुबह लगभग 7 से 7:30 बजे के बीच में कुठला थाने पहुंचे तब कुठला पुलिस लगभग 10 बजे सुबह अविनाश कैरियर ट्रांसपोर्ट सतीशचन्द्र रावत के आफिस ले गये तो आफिस के शटर की सील दो बार खोले जाने की चिन्ह थे तथा जहाँ पर भाई का शव रखा था उस स्थान पर जहाँ पर घटना हुयी थी मेरे व मेरे परिवार ने अवलोकन किया था तथा मेरे भाई की फांसी के फंदे पर लटकी हुई फोटो जिसमें साफ दिख रहा है कि मेरे भाई के दोनो पैर जमीन पर टिके हुये है तथा एक हाथ सीने में लगा है पूरे शरीर में मारपीट की नीले निशान है ऐसी स्थिति में प्रथम दृष्टया ही समझ में रहा था कि मेरे भाई राजेश दबे की हत्या हयी है क्योंकि मेरे भाई के फांसी के फंदे पर लटकी हई फोटो. फंदा कटाने के पश्चात जमीन पर लेटी हई फोटो तथा भाई के नाक से जो खून की ब्लीडिंग हो रही है उसकी फोटो इतने तथ्यो होने के बावजूद भी कुठला थाने की पुलिस द्वारा सभी सबूतो की अवहेलना कर ट्रांसपोर्ट मालिक सतीशचन्द्र रावत एवं उनके कर्मचारियो को बचाने के लिये मनगढंत आधार पर भाई के हत्या को आत्महत्या के रूप में परिवर्तित किया गया है। हम लोगो के द्वारा जांच बयान के दौरान स्पष्ट तौर पर यह बताया कि मेरे भाई की हत्या हुयी है उसके बावजूद भी कुठला पुलिस द्वारा गोल मोल कारण देते हुए मेरे भाई की हत्या को छुपाया जा रहा है।
यह कि मेरे भाई राजेश दुबे को सीधी जिले से अपहरण कर कटनी लाकर प्रताड़ना देते हुए रूपयों की मांग की गई थी एवं निर्ममता पूर्ण ढंग से भाई के साथ मारपीट कर हत्या कर फांसी के फंदे पर लटकाकर बनावटी आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया है, मेरे भाई राजेश दुबे को सीधी कोतवाली के बाहर से अपहरण कर कटनी लाने के संबंध में और भाई राजेश दुबे के साथ घटना कारित करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मोबाइल की टावर लोकेशन और सीडीआर है तथा सीसीटीवी फुटेज है, 28 मई को बस स्टेण्ड सीधी की सीसीटीवी फुटेज, 28 मई से लेकर 29 मई तक सीधी कोतवाली थाने की सीसीटीवी फुटेज एवं अविनाश कैरियर ट्रांसपोर्ट पुरैनी एवं उसके आस पास क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जाये तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि मेरे भाई राजेश दुबे की हत्या को किस ढंग से कुठला पुलिस द्वारा आरोपीगण से सांठ गाठ कर उन्हें बचाने के लिये आत्म हत्या का रूप दिया गया है। यह कि सतीश चन्द्र रावत के द्वारा मोहित पाण्डेय के विरूद्ध ट्रक से सरिया खुर्द बुर्द के संबंध में रिपोर्ट 22 मई को की गयी थी लेकिन कुठला पुलिस द्वारा इस संबंध में मोहित पाण्डेय को तलब करके कोई पूंछताछ करने का प्रयास नहीं किया गया मोहित पाण्डेय ही मुख्य कड़ी है लेकिन कुठला पुलिस द्वारा मोहित पाण्डेय के संबंध में कोई जांच नही की जा रही है एवं सिंगरौली निवासी राजेश्वर मिश्रा जिन्हें मुख्य आरोपी सतीशचन्द्र रावत, अविनाश कैरियर ट्रांसपोर्ट पुरैनी के द्वारा 30 मई को फांसी के संबंध में सूचना दी गयी थी उन्हें भी पूछताछ हेतु तलब किया जाना आवश्यक है।
यह कि प्रकरण का मुख्य आरोपी सतीशचन्द्र रावत अविनाश कैरियर टांसपोर्ट अभी भी फरार है तथा उसके द्वारा साक्ष्य को पूर्ण रूप से प्रभावित किया जा रहा है कुठला पुलिस द्वारा मृतक के परिजन के साथ कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है यदि मेरे भाई राजेश दुबे की जांच के संबंध में कुठला पुलिस से जानकारी चाही जाती है तो हमें गुमराह किया जाता है। से निवेदन है कि थाना कुठला के अपराध क. 428/2025 में धारा का इजाफा करते हुये मेरे भाई राजेश दुबे की अपहरण कर षडयंत्र पूर्वक हत्या कर साक्ष्य मिटाने के संबंध में आरोपीगण के विरूद्ध धारा 137 (2). 103, 61(2), 238, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किये जाने की मांग की है l

Back to top button