भूलकर भी इन जगहों पर न रखें तुलसी का पवित्र पौधा, वरना रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी; जानें सही दिशा का नियम

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भूलकर भी इन जगहों पर न रखें तुलसी का पवित्र पौधा, वरना रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी; जानें सही दिशा का नियम

नई दिल्ली/सनातन संस्कृति: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र, पूजनीय और दिव्य माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में तुलसी का होना केवल एक पौधा लगाना नहीं है, बल्कि यह सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और मानसिक शांति का प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत जगह या गलत दिशा में रखी गई तुलसी शुभ फल देने के बजाय घर में वास्तु दोष का कारण बन सकती है?

वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के कुछ स्थान ऐसे बताए गए हैं जहाँ भूलकर भी तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि किन जगहों पर तुलसी रखने से पूरी तरह बचना चाहिए।

 इन 5 जगहों पर भूलकर भी न रखें तुलसी का पौधा

1. दक्षिण (South) दिशा में रखने से बचें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह दिशा पितरों और यमराज (मृत्यु के देवता) से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा में तुलसी रखने से घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है।

2. बेडरूम और रसोई घर (Kitchen)

तुलसी को पूर्ण पवित्रता और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे बेडरूम (शयनकक्ष) के भीतर रखने की सलाह नहीं दी जाती। इसके अलावा, रसोई घर में गैस का चूल्हा, धुआं, तेल के छींटे और अत्यधिक गर्मी होने के कारण भी यह स्थान तुलसी के लिए उपयुक्त नहीं है। तुलसी को हमेशा खुली हवा और प्राकृतिक रोशनी वाली जगह पर ही रखना चाहिए।

3. बाथरूम के पास और मुख्य दरवाजे के ठीक सामने

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टॉयलेट या बाथरूम के नजदीक या उसकी दीवार से सटाकर तुलसी का पौधा कभी न रखें। इसके साथ ही, मुख्य दरवाजे (Main Gate) के ठीक सामने बीचों-बीच भी इसे लगाने से बचना चाहिए। वास्तु के अनुसार इससे ‘द्वार वेध दोष’ लगता है। तुलसी को हमेशा मुख्य द्वार से थोड़ा हटकर या एक तरफ रखना शुभ होता है।

4. जूते-चप्पलों के रैक के आसपास

तुलसी का पौधा साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए जहां जूते-चप्पल उतारे जाते हैं या जहां शू-रैक रखा हो, उसके आसपास तुलसी का गमला रखना घोर अनादर माना जाता है। इसके आसपास हमेशा स्वच्छता और सम्मानजनक वातावरण होना चाहिए।

5. कांटेदार और कैक्टस वाले पौधों के साथ

वास्तु शास्त्र में स्पष्ट कहा गया है कि तुलसी के गमले के ठीक पास कभी भी कैक्टस (Cactus), कांटेदार पौधे या ऐसे पौधे जिनसे सफेद दूध जैसा पदार्थ निकलता हो, नहीं रखने चाहिए। मान्यता है कि ये पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकते हैं।

किस दिशा में रखना होता है सबसे सर्वोत्तम?

वास्तु के नियमों के अनुसार, तुलसी के पौधे के लिए सबसे उत्तम और पवित्र दिशाएं निम्नलिखित हैं:भूलकर भी इन जगहों पर न रखें तुलसी का पवित्र पौधा, वरना रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी; जानें सही दिशा का नियम

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  • उत्तर दिशा (North)
  • पूर्व दिशा (East)
  • उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण – North-East)

इन दिशाओं में पौधे को रखने से उसे पर्याप्त सूर्य की रोशनी (धूप) और ताजी हवा मिलती है, जिससे पौधा हमेशा हरा-भरा रहता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान (तुलसी केयर टिप्स)

  • नियमित सफाई: तुलसी के पौधे के आसपास कभी भी कूड़ादान (डस्टबिन), गंदी झाड़ू या फटे-पुराने कपड़े जैसी चीजें न रखें।

  • सूखा पौधा तुरंत हटाएं: यदि किसी कारणवश तुलसी का पौधा सूख जाता है, तो उसे लंबे समय तक गमले में न छोड़ें। सूखे पौधे को आदरपूर्वक किसी पवित्र नदी या जलाशय में प्रवाहित कर दें और उसकी जगह नया पौधा लगाएं।

– यशभारत डॉट कॉम