‘भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता’: CEC प्रदर्शनों के बीच बोले अनुपम खेर- ‘वोट चोरी का शक है तो सबूत पेश करें’

anupam-kher

‘भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता’: CEC प्रदर्शनों के बीच बोले अनुपम खेर- ‘वोट चोरी का शक है तो सबूत पेश करें’

वॉशिंगटन/मुंबई: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में सामने आए हैं। अमेरिका और कनाडा के दौरे पर अपने नाटक ‘जाने पहचाने अनजाने’ का मंचन कर रहे अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर प्रदर्शनकारियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा और तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई है।

‘लोकतंत्र में असहमति का अधिकार, लेकिन गाली-गलौज गलत’

अनुपम खेर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में अभद्र भाषा और हिंसा का इस्तेमाल जायज नहीं ठहराया जा सकता:’भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता’: CEC प्रदर्शनों के बीच बोले अनुपम खेर- ‘वोट चोरी का शक है तो सबूत पेश करें’

  • अंतरात्मा की आवाज: अभिनेता ने कहा कि लोकप्रिय बने रहने से ज्यादा अपनी अंतरात्मा के प्रति वफादार होना जरूरी है। आलोचना के डर से वह चुप नहीं रहेंगे।

  • पीएम की मां पर टिप्पणी से नाराजगी: उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों तथा ‘चायवाला’ जैसे तंज पर गहरा दुख व्यक्त किया। अपने पिता (जो वन विभाग में क्लर्क थे) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से होना गर्व की बात है, अपमान की नहीं।

  • पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार: उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों, विशेषकर महिला पुलिसकर्मियों के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

‘वोट चोरी के आरोप हैं तो कानूनी रास्ते से सबूत पेश करें’

चुनाव आयोग और मतदान में धांधली के आरोपों पर अनुपम खेर ने निष्पक्ष जांच और संवैधानिक रास्तों पर जोर दिया:

  • सबूतों के आधार पर हो बात: उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगा देने से दावा सच नहीं हो जाता। यदि किसी को गड़बड़ी का संदेह है, तो उसे कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहकर ठोस सबूत पेश करने चाहिए।

  • जनादेश का सम्मान: अभिनेता ने कहा कि सरकार बदलने की इच्छा रखने वालों को चुनाव के जरिए जनता का दिल और समर्थन जीतना चाहिए।

‘भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता’

सोशल मीडिया पर आलोचनाओं और ट्रोलिंग की आशंका पर अनुपम खेर ने बेबाकी से जवाब दिया:

“हिंदी सिनेमा में संघर्ष के दिनों में जब मैं रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोता था, तब मेरे दादाजी ने कहा था— ‘बेटा, याद रखना, भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता।’ अगर मुझे ‘अंधभक्त’ या ‘दलाल’ कहा जाता है, तो भी मैं अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटूंगा।”

उन्होंने अंत में अपील की कि लोकतंत्र में बहस और असहमति विचारों, तर्कों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि अभद्र भाषा के जरिए।