कटनी में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 5 दिवसीय आयोजन: बालिकाओं ने जानी पुलिस, बैंक और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली

कटनी में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत 5 दिवसीय आयोजन: बालिकाओं ने जानी पुलिस, बैंक और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली

कटनी में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 5 दिवसीय आयोजन: बालिकाओं ने जानी पुलिस, बैंक और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली

कटनी: अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत कटनी जिले में पांच दिवसीय जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। बालिकाओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, बैंकिंग व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर छात्राओं को जिले के विभिन्न शासकीय संस्थानों, थानों और बैंकों का उन्मुखीकरण भ्रमण कराया गया।

प्रमुख बिंदु एवं भ्रमण गतिविधियां:

  • मार्गदर्शन व नेतृत्व: महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अब्दुल गफ्फार के निर्देशन तथा सहायक संचालक सुश्री वनश्री कुर्वेती के संयोजन में इन गतिविधियों का सफल संचालन किया जा रहा है।

  • कटनी (वन स्टॉप सेंटर व महिला थाना): छात्राओं ने वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन (181) के जिला कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली समझी। महिला थाना प्रभारी श्रीमती वर्षा सोनकर ने छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली और वैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती शैली तिवारी और बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनीष तिवारी भी मौजूद रहे।

  • बहोरीबंद: परियोजना अधिकारी श्री सतीश पटेल के मार्गदर्शन में बालिकाओं ने बैंक, पोस्ट ऑफिस और ग्राम पंचायत बचैया का भ्रमण कर स्थानीय प्रशासन और वित्तीय प्रक्रियाओं को जाना।

  • ढीमरखेड़ा: परियोजना अधिकारी श्रीमती आरती यादव के मार्गदर्शन में उमरियापान स्थित पुलिस थाना, एसबीआई (SBI) और पोस्ट ऑफिस का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जहाँ सुरक्षा और बचत योजनाओं पर चर्चा हुई। कटनी में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 5 दिवसीय आयोजन: बालिकाओं ने जानी पुलिस, बैंक और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली

  • रीठी: परियोजना अधिकारी श्री विवेक पटेल के नेतृत्व में ग्राम बिलहरी के पुलिस थाने, बैंक और पंचायत कार्यालय का भ्रमण कराया गया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य:

इन शैक्षणिक व व्यावहारिक भ्रमण गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में सुरक्षा का अहसास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सचेत करना और वित्तीय व प्रशासनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराकर उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना है।