MP में बदलेंगे मंत्रियों के प्रभार वाले जिले, गृह जिले से दूरी होगी कम; नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार
भोपाल। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार में प्रशासनिक व राजनीतिक कसावट लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल से पहले उनके प्रभार वाले जिलों में फेरबदल किया जाएगा।
राज्य सरकार और संगठन की ओर से केंद्रीय नेतृत्व को तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजे गए थे—मंत्रिमंडल का विस्तार, विभागों का पुनर्गठन और प्रभार के जिलों में बदलाव। फिलहाल केंद्रीय आलाकमान ने प्रभार के जिलों में फेरबदल के प्रस्ताव को स्वीकृति (हरी झंडी) दे दी है।
दिसंबर में होगा बदलाव, नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार
सूत्रों के मुताबिक, सरकार और संगठन ने फेरबदल की रूपरेखा तैयार कर ली है:
पहला चरण (दिसंबर): दिसंबर के पहले पखवाड़े तक मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव कर दिया जाएगा।
दूरी होगी कम: जिन मंत्रियों को उनके गृह जिले से काफी दूर के जिलों का प्रभार दिया गया था, उन्हें अब नजदीक के जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
दूसरा चरण (नया साल): नए साल में परिस्थितियों की समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के पुनर्गठन पर विचार किया जाएगा।
रिपोर्ट कार्ड के आधार पर नई जिम्मेदारियां
पार्टी स्तर पर इसके लिए आवश्यक होमवर्क और मंथन पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास मंत्रियों के पिछले एक साल के कामकाज और प्रदर्शन का पूरा रिपोर्ट कार्ड मौजूद है। मंत्रियों की परफॉरमेंस और क्षेत्रीय सुगमता को ध्यान में रखकर ही जिलों का पुनर्गठन किया जा रहा है। MP में बदलेंगे मंत्रियों के प्रभार वाले जिले, गृह जिले से दूरी होगी कम; नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार











