कटनी में विस्फोटक इकाइयों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर,कलेक्टर के निर्देश पर पटाखा फैक्ट्रियों, विस्फोटक मैगजीन और अमोनियम नाइट्रेट स्टोर हाउसों की सघन जांच
कटनी में विस्फोटक इकाइयों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर,कलेक्टर के निर्देश पर पटाखा फैक्ट्रियों, विस्फोटक मैगजीन और अमोनियम नाइट्रेट स्टोर हाउसों की सघन जांच
कटनी। जिले में नागरिक सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिलेभर में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों, विस्फोटक भंडारण मैगजीनों एवं अमोनियम नाइट्रेट फैक्ट्रियों व स्टोर हाउसों की व्यापक जांच और भौतिक सत्यापन अभियान चलाया गया। अनुविभाग, तहसील एवं थाना स्तर पर गठित संयुक्त जांच दलों ने विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों, लाइसेंस शर्तों और विस्फोटक अधिनियमों के पालन की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विस्फोटक पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं उपयोग में शासन द्वारा निर्धारित नियमों, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक अधिनियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, नियम उल्लंघन अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने बीते 7 अप्रैल ऐहतियातन एक आदेश जारी कर गठित जांच दलों को प्रत्येक लाइसेंसधारी इकाई का भौतिक सत्यापन और निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में जांच दलों ने लाइसेंसधारियों के नाम, लाइसेंस जारी करने वाली संस्था, लाइसेंस की वैधता अवधि एवं शर्तों के अनुपालन की गहन जांच की।
इसके साथ ही विस्फोटक पदार्थों के निर्माण एवं भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों को भी देखा गया। अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा संधारित अभिलेखों के अनुसार विस्फोटक सामग्री के क्रय-विक्रय एवं भंडारण का भी सत्यापन किया गया।
कलेक्टर ने कहा कि नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि और सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुरक्षा मानकों और नियमों की अवहेलना और लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जांच प्रतिवेदन के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
लाइसेंस,भंडारण और सुरक्षा व्यवस्थाओं का हुआ गहन परीक्षण
संयुक्त जांच दलों ने लाइसेंसधारियों के नाम, लाइसेंस जारी करने वाली संस्था, लाइसेंस की वैधता, निर्धारित शर्तों के अनुपालन तथा उल्लंघन की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया। इसके साथ ही विस्फोटक पदार्थों के निर्माण और भंडारण के लिए चिन्हित परिसरों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा संधारित अभिलेखों के अनुसार विस्फोटक सामग्री के क्रय-विक्रय एवं भंडारण का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने फैक्ट्रियों एवं स्टोर हाउसों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर एक्सटिंग्विशर, सैंड बकेट, आपातकालीन निकास मार्ग, सुरक्षा संकेतक बोर्ड एवं कर्मचारियों को दिए जाने वाले सुरक्षा प्रशिक्षण की स्थिति का भी जायजा लिया।
कई विभागों की संयुक्त टीम रही सक्रिय
इस व्यापक जांच अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विस्फोटक विभाग, राजस्व विभाग, नगरीय निकाय एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से शामिल रहे। अधिकारियों ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, अभिलेख अद्यतन रखने और सुरक्षा उपकरणों को हमेशा क्रियाशील स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की इस सख्त, संवेदनशील और सक्रिय कार्रवाई से जिले में संचालित विस्फोटक इकाइयों के बीच जवाबदेही और सुरक्षा को लेकर गंभीरता का स्पष्ट संदेश गया है। प्रशासन की यह पहल नागरिक सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता, सतर्कता और जवाबदेह कार्यशैली का द्योतक है।

