Death Of Cheetah श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से एक नर वयस्क चीते की रविवार शाम मौत हो गई। हाल ही में इसका नाम उदय रखा गया था। कूनो प्रबंधन के अनुसार सुबह चीता सुस्त देखा गया। स्वास्थ्य परीक्षण में बीमार मिलने के बाद उसे तुरंत उपचार भी शुरू कर दिया गया, परंतु शाम चार बजे उसने दम तोड़ दिया। चीते की मौत का स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल पाया है। 27 मार्च को नामीबिया से लाई गई मादा चीता साशा की किडनी की बीमारी से मौत हो चुकी है। कूनो में अब 18 चीते और चार शावक बचे हैं।
चीता उदय को सुस्त अवस्था में बैठा पाया गया
वन विहार भोपाल द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार रविवार सुबह नौ बजे चीते की दैनिक निगरानी के लिए दल द्वारा बाड़ा नंबर दो में मौजूद नर चीता उदय को सुस्त अवस्था में बैठा पाया गया। हालांकि, एक दिन पहले वह स्वस्थ पूरी तरह था। उसकी शिथिलता की सूचना वायरलेस द्वारा तत्काल अन्य बाड़ों में चीता की निगरानी कर रहे वन्यप्राणी चिकित्सकों को दी गई। चिकित्सक दल ने तत्काल उसकी जांच की और बीमार घोषित किया।
मौके पर मौजूद वन्यप्राणी चिकित्सकों एवं चीता कंजरवेशन फंड के चीता विशेषज्ञ ने उसे ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने की आवश्यकता महसूस की। मुख्य वन संरक्षक व प्रधान मुख्य वन संरक्षक से परामर्श व स्वीकृति के बाद 11 बजे उसे बेहोश कर मौके पर ही उपचार शुरू किया गया। उपचार के दौरान ही शाम लगभग चार बजे बजे उसकी मौत हो गई।

