Sunday, April 12, 2026
Latest:
राष्ट्रीय

Corona help के लिए इस डॉक्टर ने कहा करो हैल्‍प, और प्रशासन को सौंपा यह शानदार होटल

श्रीनगर। जब कदम से कदम मिल जाए तो कोई भी मुसीबत अधिक दिनों तक ठहर नहीं सकती। ऐसा ही एक कदम बढ़ाया है डल झील के किनारे स्थित एक प्रतिष्ठित होटल मालिक डॉक्टर इरशाद ने। क्वारंटाइन केंद्र बनाने के लिए उन्होंने शनिवार को अपना होटल क्वारंटाइन बनाने के लिए प्रशासन को सौंप दिया। होटल में 80 कमरे हैं, जिनमें से 70 को शनिवार को क्वारंटाइन किए छात्रों के लिए खोल दिया गया।

डॉ. इरशाद होटल शाह अब्बास के हैं मालिक

दरअसल, श्रीनगर में जब बाहर से आने वाले छात्रों के लिए क्वारंटाइन केंद्र को स्थापित करने पर कथित तौर पर एक नामी प्रतिष्ठान के प्रबंधकों ने एतराज जताया। इसकी खबर जब डॉ. इरशाद को मिली तो उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन श्रीनगर से संपर्क किया और उन्हें क्वारंटाइन केंद्र के लिए अपनी निजी संपत्ति के इस्तेमाल की पेशकश कर दी। डॉ. इरशाद होटल शाह अब्बास के मालिक हैं। कश्मीर आने वाले पर्यटकों में से शायद ही कोई ऐसा होगा जो डल झील किनारे सैर के समय इस होटल के आगे से न गुजरा हो। जिला उपायुक्त श्रीनगर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर होटल की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा टाइगर ¨जदा है, हमें श्री इरशाद की सराहना करनी चाहिए जिन्होंने हमारी मदद के लिए अपने होटल की चाबी हमें सौंप दी।

विदेशों से रोजाना 150-200 लोग पहुंच रहे कश्मीर

श्रीनगर में प्रशासन ने करीब 50 सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों और होटलों में क्वारंटाइन केंद्र बनाए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को कथित तौर पर सेंटूर होटल में भी क्वारंटाइन केंद्र स्थापित करने के लिए संबंधित प्रबंधकों से संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी। अलबत्ता, प्रशासन ने इस मामले की अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।

होटल शाह अब्बास के मालिक डॉ. इरशाद ने कहा कि मेरे नाम के साथ डॉक्टर लगा है, लेकिन आजकल में प्रैक्टिस नहीं करता हूं, एक बिजनेसमैन हूं। मुझे जब पता चला कि यहां क्वारंटाइन केंद्र के लिए जगह की दिक्कत हो रही है तो मैंने अपना होटल देने का फैसला किया। इसके लिए मेरे पर कोई दबाव नहीं है और न मैंने किसी को दिखाने के लिए यह काम किया है। होटल फिलहाल बंद हैं, पर्यटक नहीं आ रहे हैं। बंद कमरे किसके काम आते। कोरोना से बचने के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और मैंने यही प्रयास किया है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम