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Cognizant vs Infosys: कॉग्निजेंट का बड़ा आरोप, इन्फोसिस ने चुराया डेटा; IT दिग्गज के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Cognizant vs Infosys: अमेरिकी दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी कॉग्निजेंट की सहायक कंपनी ट्राइजेटो ने टेक्सास की संघीय अदालत में भारतीय आईटी दिग्गज इन्फोसिस के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में अमेरिकी कंपनी ने इन्फोसिस पर हेल्थ इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर से संबंधित व्यापार रहस्यों का दुरुपयोग करने और कम्‍पटेटिव प्रोडक्ट्स डेवलप करने के लिए कॉग्निजेंट के डेटाबेस तक अवैध रूप से पहुंच बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

कॉग्निजेंट ने इन्फोसिस पर आरोप लगाया है कि उसने कॉग्निजेंट के हेल्थकेयर इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर के सीक्रेट्स चुराए हैं। न्यू जर्सी स्थित इस अमेरिकी कंपनी के 70 फीसदी से अधिक कर्मचारी भारत से बाहर कार्यरत हैं। हालांकि, कॉग्निजेंट ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। वहीं इन्फोसिस ने इन आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें मुकदमे की जानकारी है और वे कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

कॉग्निजेंट ने इन्फोसिस पर लगाए ये आरोप

इन्फोसिस पर आरोप है कि उसने अवैध तरीके से कॉग्निजेंट के डेटाबेस को एक्सेस किया और इसका उपयोग अपने नए सॉफ्टवेयर के विकास के लिए किया। यह सॉफ्टवेयर बाजार में बेचने के लिए तैयार किया गया है।

कॉग्निजेंट का दावा है कि इन्फोसिस ने “टेस्ट केस फॉर फेसेट्स” नामक सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए ट्राइजेटो के सॉफ़्टवेयर का अनुचित तरीके से इस्तेमाल किया। इसके लिए इन्फोसिस ने ट्राइजेटो के डेटा का गैरकानूनी ढंग से उपयोग किया है।

इसके अलावा, कॉग्निजेंट ने आरोप लगाया है कि इन्फोसिस ने QNXT से डेटा निकालने के लिए सॉफ्टवेयर बनाकर कानून का उल्लंघन किया है। इन्फोसिस पर गोपनीय जानकारी और ट्रेड सीक्रेट्स चुराने का आरोप है, जो कि कानूनी रूप से गलत है।

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इंफोसिस और कॉग्निजेंट के बीच विवाद

गौर करने वाली बात यह है कि इसी हफ्ते कॉग्निजेंट ने पूर्व इन्फोसिस कार्यकारी राजेश वरियर को अपना ग्लोबल हेड ऑफ ऑपरेशन्स और इंडिया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राजेश नांबियार के इस्तीफे के बाद हुई, जो अब नैसकॉम के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

इसके अलावा, कॉग्निजेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रवि कुमार एस, भी इन्फोसिस के पुराने कर्मियों में से हैं। उन्होंने बेंगलुरु स्थित इस कंपनी में 20 साल तक काम किया और जनवरी 2016 से अक्टूबर 2022 तक राष्ट्रपति सहित विभिन्न नेतृत्व पदों पर रहे।

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