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Chandra Grahan 2020 : साल का तीसरा moon eclipse 2020 चंद्र ग्रहण पांच जुलाई को, सूतक काल मान्य नहीं

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moon eclipse 2020 Chandra Grahan 2020 : भोपाल। इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को पड़ेगा। इस ग्रहण काल में सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ हिस्से अमेरिका, यूरोप व अस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। खगोलविद् अनिल धीमान ने बताया कि वर्ष 2020 में कुल 6 ग्रहण लगेंगे। इसमें से दो चंद्र ग्रहण (10 जनवरी, 5 जून) व एक सूर्यग्रहण (21 जून) लग चुका है। आगामी समय में दो चंद्र ग्रहण व एक सूर्य ग्रहण और लगेगा। 5 जुलाई को चंद्रग्रहण लगेगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। लास एंजिल्स में 4 जुलाई रात 8 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 52 मिनट तक दिखाई देगा। यह पौने तीन घंटे तक देखा जा सकेगा। केपटाउन में 5 जुलाई को सुबह 5 बजे तक खत्म होगा। इसके बाद 5 महीने 25 दिन बाद 30 नवंबर को चंद्रग्रहण व जब 14 दिसंबर को टोटल सूर्यग्रहण होगा। इसे भी हम भारत से नहीं देख पाएंगे।

ग्रहण की खगोलीय घटना को सीखने की चीज

धीमान ने बताया कि धरती पर हर वर्ष ग्रहण लगते हैं। इनकी संख्या कम से कम चार और अधिकतम 6 होते हैं। ग्रहण खगोलीय घटना है। यह सीखने की चीज है कि पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य भी गति करते हैं। ग्रहण के पड़ने से किसी व्यक्ति की राशि पर कोई असर नहीं पड़ता है। ग्रहण का होना सामान्य खगोलीय घटना है। ग्रहण को ऐसे समझ सकते हैं कि ‘चंद्र ग्रहण’ जब चंद्रमा और सूर्य के मध्य पृथ्वी आ जाती है। वहीं पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आने से ‘सूर्य ग्रहण’ पड़ता है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या और चंद्रमा पूर्णिमा के दिन पड़ता है। अभी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच 4 लाख किमी की दूरी का अंतर है और अपनी-अपनी कक्षा में गतिमान हैं। चंद्रमा तीन लाख किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है।

 

पूर्ण चंद्रग्रहण 2025 में दिखेगा

संपूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 में देखने को मिलेगा। वैसे सामान्यतः एक वर्ष में 4 ग्रहण लगते हैं। इसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्रग्रहण, लेकिन कभी-कभी इससे ज्यादा भी ग्रहण पड़ जाते हैं। 2024 में 3 चंद्रग्रहण और दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। ऐसे ही 2027 में भी ग्रहण पड़ेंगे। 2029 हमारे लिए खास होगा, तब यहां 4 सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण देखने को मौका मिलेगा।

 

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि साल के तीसरे चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा। दरअसल, ग्रहण में लगने वाला सूतक काल एक अशुभ समयावधि होती है। यह सूतक काल चंद्र ग्रहण लगने से तीन पहर (एक पहर 3 घंटे का) अर्थात 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है, जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। इस दौरान कई शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।

 

वर्ष 2020 के ग्रहण

 

5 जुलाईः चंद्र ग्रहण

उपच्छाया से पहला स्पर्श-सुबह 8.38 बजे

परमग्रास चंद्र ग्रहण-सुबह 9.59 बजे

उपच्छाया से अंतिम स्पर्श-दोपहर 11:21 बजे

उपच्छाया की अवधि-2 घंटे 43 मिनट्स 24 सेकंड

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