सल्बोनी जमीन घोटाला: सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलते ही टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय गिरफ्तार
कोलकाता/नई दिल्ली (यश भारत डॉट कॉम नेटवर्क): तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव (PA) सुमित रॉय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल के चर्चित सल्बोनी जमीन घोटाले (Salboni Land Grab Case) में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत का फैसला आते ही पुलिस, सीआईडी (CID) और एसटीएफ (STF) की टीम ने कार्रवाई करते हुए सुमित रॉय को अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास से गिरफ्तार कर लिया।
क्या है सल्बोनी जमीन घोटाला मामला?
यह मामला पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सल्बोनी क्षेत्र से जुड़ा है।
फर्जी कागजात से धोखाधड़ी: आरोप है कि सरकारी जमीन को फर्जी कागजात और दस्तावेजों के जरिए निजी संपत्ति बताकर धोखे से बेच दिया गया।
₹15 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जांच में लगभग 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध नकद लेन-देन की जानकारी मिली है। इसमें बैंक खातों में लाखों का कैश डिपॉजिट भी शामिल है।
पूछताछ में टाल-मटोल: सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट के सामने सुमित रॉय की कस्टोडियल इंटरोगेशन (हिरासत में लेकर पूछताछ) को बेहद जरूरी बताया, क्योंकि वे पहले हुई पूछताछ में सवालों के जवाब देने में टाल-मटोल कर रहे थे।
निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की प्रक्रिया
हाईकोर्ट से झटका: इससे पहले 3 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुमित रॉय की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की थी।
सुप्रीम कोर्ट में दलीलें: सुमित रॉय के वकील ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने 88 घंटे से अधिक की पूछताछ में पूरा सहयोग किया है और यह राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई है। हालांकि, चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अभिषेक बनर्जी को मिली राहत
एक तरफ जहां उनके PA को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें अपनी आंखों के इलाज के लिए 3 सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति प्रदान की है।
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