मध्य प्रदेश के शिक्षकों को बड़ा झटका- राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार विजेताओं की ‘अतिरिक्त वेतनवृद्धि’ बंद, स्कूल शिक्षा विभाग ने रद्द किए आदेश
मध्य प्रदेश के शिक्षकों को बड़ा झटका- राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार विजेताओं की ‘अतिरिक्त वेतनवृद्धि’ बंद, स्कूल शिक्षा विभाग ने रद्द किए आदेश
भोपाल ): मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक बड़ा और निराशाजनक फैसला सामने आया है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय (President Award) और राज्य स्तरीय (Governor Award) शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट शिक्षकों को दी जाने वाली अतिरिक्त वेतनवृद्धि (Additional Increments) का लाभ तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पूर्व में जारी किए गए दोनों संबंधित आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया है।
क्या हुए बदलाव? (पहले बनाम अब)
सरकार द्वारा आदेश रद्द किए जाने के बाद अब वेतन बढ़ोतरी की व्यवस्था में निम्नलिखित परिवर्तन लागू हो गए हैं:
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पुरानी व्यवस्था: अब तक राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 2 अतिरिक्त वेतनवृद्धि और राज्यपाल द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 1 अतिरिक्त वेतनवृद्धि दी जाती थी।
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नई व्यवस्था: अब पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को भी सेवा अवधि के दौरान सामान्य कर्मचारियों की तरह केवल सामान्य वेतनवृद्धि नियमों (Normal Increment Rules) के अनुसार ही वेतन बढ़ोतरी मिलेगी। उन्हें अलग से कोई वित्तीय प्रोत्साहन लाभ नहीं दिया जाएगा।
नवाचार और प्रोत्साहन पर पड़ेगा असर
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है:
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प्रोत्साहन पर चोट: अतिरिक्त वेतनवृद्धि की व्यवस्था के कारण शिक्षक शिक्षा क्षेत्र में नवाचार (Innovations), कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते थे।
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शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रभाव: कई पुरस्कार विजेता शिक्षकों ने अपने अनूठे प्रयासों से सरकारी स्कूलों की कायापलट की है और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। इस निर्णय से शिक्षकों के मनोबल पर विपरीत असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।








