बड़ी खबर: भवानीपुर का किला ढहा, 15 हजार से ज्यादा वोटों से हारीं ममता बनर्जी।  पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा ‘महा-उलटफेर’ हो गया है। सूबे की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर से मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं। भाजपा उम्मीदवार ने उन्हें 15,000 से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त देकर बंगाल की राजनीति की दिशा बदल दी है।

हार के मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक अंतर: गिनती के अंतिम दौर तक चले उतार-चढ़ाव के बाद, ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट को बचाने में नाकाम रहीं और करीब 15,200 वोटों से पीछे रह गईं।

  • गढ़ में सेंध: भवानीपुर को ममता बनर्जी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था, जहाँ 2021 के उपचुनाव में उन्होंने 58 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। आज की हार उनके राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा झटका मानी जा रही है।

  • बीजेपी की आंधी: इस जीत के साथ ही बंगाल विधानसभा में भाजपा ने बहुमत की ओर मज़बूत कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य भर में बीजेपी कार्यकर्ता “जय श्रीराम” के नारों के साथ जश्न मना रहे हैं।

विपक्ष का प्रहार, टीएमसी में सन्नाटा

नतीजों के बाद टीएमसी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने इसे “बंगाल में तानाशाही के अंत और लोकतंत्र की जीत” करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर और स्थानीय मुद्दों ने इस बार दीदी के तिलस्म को तोड़ दिया है।

अब आगे क्या?

मुख्यमंत्री की अपनी ही सीट पर हार के बाद अब राज्य की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। क्या ममता बनर्जी इस्तीफ़ा देंगी या पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेंगी, इस पर सबकी नज़रें टिकी हैं।