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सावन 2026 में बड़ा खगोलीय उलटफेर: महज 16 दिनों में लगेंगे दो बड़े ग्रहण, रक्षाबंधन पर भी चंद्र ग्रहण का साया;  ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

सावन 2026 में बड़ा खगोलीय उलटफेर: महज 16 दिनों में लगेंगे दो बड़े ग्रहण, रक्षाबंधन पर भी चंद्र ग्रहण का साया

सावन 2026 में बड़ा खगोलीय उलटफेर: महज 16 दिनों में लगेंगे दो बड़े ग्रहण, रक्षाबंधन पर भी चंद्र ग्रहण का साया

आध्यात्मिक डेस्क: ज्योतिष शास्त्र और खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से साल 2026 का सावन का महीना बेहद संवेदनशील और बड़े बदलावों का गवाह बनने जा रहा है। इस बार भगवान शिव के प्रिय महीने सावन में महज 16 दिनों के भीतर दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं।

सावन अमावस्या पर जहाँ साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगेगा, वहीं सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी इतने कम दिनों के अंतराल में दो ग्रहण लगते हैं, तो उसे प्राकृतिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बड़े बदलावों का संकेत माना जाता है।

1. सावन अमावस्या पर पूर्ण सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026)

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा।

  • कहाँ दिखेगा: यह मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) के कई हिस्सों में दिखाई देगा।

  • धार्मिक महत्व: अमावस्या तिथि पहले से ही पितरों के स्मरण और साधना के लिए खास होती है। इस दिन सूर्य ग्रहण लगने से इसका महत्व और बढ़ गया है। ग्रहण काल में मंत्र जाप और भगवान का ध्यान करना विशेष फलदायी रहेगा।

2. रक्षाबंधन पर आंशिक चंद्र ग्रहण (28 अगस्त 2026)

सूर्य ग्रहण के ठीक 16 दिन बाद 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) लगेगा।

  • कहाँ दिखेगा: राहत की बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा

  • असर: भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के दिन ग्रहण लगने से लोग चिंतित हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, भले ही यह भारत में न दिखे, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव लोगों की मानसिक स्थिति और भावनाओं पर पड़ सकता है।

 क्या एक ही महीने में दो ग्रहण होना अशुभ है?

ज्योतिष शास्त्र में 15 या 16 दिनों के भीतर दो ग्रहणों का होना एक असाधारण घटना माना जाता है:

  • परिवर्तन का संकेत: विद्वानों के अनुसार, यह योग मौसम में अचानक बड़े बदलाव, प्राकृतिक आपदाओं या देश-दुनिया की राजनीति में बड़ी हलचल का संकेत देता है।सावन 2026 में बड़ा खगोलीय उलटफेर: महज 16 दिनों में लगेंगे दो बड़े ग्रहण, रक्षाबंधन पर भी चंद्र ग्रहण का साया;  ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

  • पॉजिटिव नजरिया: ज्योतिषियों का कहना है कि ग्रहण केवल नकारात्मकता नहीं, बल्कि ‘परिवर्तन’ का प्रतीक है, इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है।

 ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

क्या करें? (शुभ) क्या न करें? (वर्जित)
ॐ नमः शिवाय मंत्र का मानसिक जाप करें। ग्रहण काल में भोजन पकाने और खाने से बचें।
धार्मिक ग्रंथों का पाठ और ध्यान करें। किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत न करें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करें। नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचें।
घर के शुद्धिकरण के लिए गंगाजल छिड़कें। ग्रहण के दौरान नई वस्तुएं या खरीदारी न करें।

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