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हार्ट अटैक से बहुत पहले शरीर देता है ये 5 वॉर्निंग सिग्नल; इन्हें ‘गैस’ समझने की गलती पड़ सकती है भारी

हार्ट अटैक से बहुत पहले शरीर देता है ये 5 वॉर्निंग सिग्नल; इन्हें 'गैस' समझने की गलती पड़ सकती है भारी!

हार्ट अटैक से बहुत पहले शरीर देता है ये 5 वॉर्निंग सिग्नल; इन्हें ‘गैस’ समझने की गलती पड़ सकती है भारी!

हेल्थ डेस्क: दिल का दौरा (Heart Attack) या कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर स्थितियां अचानक पैदा नहीं होतीं। हमारा शरीर बहुत पहले से ही इसके छोटे-छोटे संकेत देने लगता है, जिन्हें हम अक्सर सामान्य कमजोरी या गैस समझकर टाल देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो 80 फीसदी समय से पहले होने वाले हार्ट अटैक को टाला जा सकता है और जान बचाई जा सकती है।

हार्ट अटैक से बहुत पहले शरीर देता है ये 5 वॉर्निंग सिग्नल; इन्हें ‘गैस’ समझने की गलती पड़ सकती है भारी!

 दिल की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं ये 5 लक्षण

 सीने में बेचैनी, भारीपन या जलन (Angina)

यह दिल की बीमारी का सबसे आम और प्राथमिक लक्षण है। यदि आपको सीने के बीचों-बीच भारीपन, जकड़न, दबाव या जलन महसूस होती है, जो कुछ मिनटों से ज्यादा रहे या आराम करने पर ठीक हो जाए, तो यह कोरोनरी आर्टरी डिजीज का गंभीर संकेत हो सकता है।

बिना किसी वजह के अत्यधिक थकान

अगर आप बिना ज्यादा मेहनत किए या सामान्य दैनिक कार्यों को करने में भी बहुत जल्दी थक जाते हैं, या रात को पूरी नींद लेने के बाद भी सुबह सुस्ती रहती है, तो सचेत हो जाएं। इसका मतलब है कि आपका दिल पूरे शरीर में ठीक से ब्लड पंप नहीं कर पा रहा है।

 थोड़ा सा चलने पर ही सांस फूलना (Dyspnea)

सीढ़ियां चढ़ते समय, थोड़ा सा तेज चलने पर या कभी-कभी सीधे बिस्तर पर लेटने पर भी अगर आपकी सांस बुरी तरह फूलने लगती है, तो यह कमजोर दिल का बहुत बड़ा इशारा है।

हाथ, पैर और टखनों में सूजन (Edema)

जब दिल की ब्लड पंप करने की क्षमता कमजोर हो जाती है, तो शरीर के निचले हिस्सों में फ्लूइड (तरल पदार्थ) जमा होने लगता है। इसके कारण पैरों, तलवों और टखनों में अचानक सूजन दिखाई देने लगती है।

 चक्कर आना और अचानक ठंडा पसीना आना

यदि आप बिना किसी शारीरिक श्रम या गर्मी के अचानक ठंडे पसीने से तर-बतर हो जाते हैं, घबराहट होती है और चक्कर आने लगते हैं, तो यह सीधे तौर पर हार्ट अटैक का पूर्व संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मदद लें।

 हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें? (विशेषज्ञों की सलाह)

क्या करें? (लाइफस्टाइल बदलाव) कौन सी जांचें हैं जरूरी?
रोजाना 30 मिनट वॉक: सैर करने से नसों में जमने वाला बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और ब्लॉकेज का खतरा घटता है। कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें: लक्षण दिखने पर तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
हेल्दी डाइट लें: खाने में नमक, चीनी और रिफाइंड तेल की मात्रा कम करें और हरी सब्जियां शामिल करें। प्रारंभिक जांच: डॉक्टर की सलाह पर तुरंत ईसीजी (ECG) और इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography) कराएं।
रेगुलर हेल्थ चेकअप: हर 6 महीने में अपना रूटीन चेकअप जैसे CBC, LFT, KFT और यूरिन टेस्ट करवाते रहें। लिपिड प्रोफाइल: समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच जरूर करवाएं।

💡 एक्सपर्ट नोट: दिल की सेहत को कभी भी हल्के में न लें। यदि ऊपर दिए गए लक्षणों में से 2 या 3 लक्षण आपको लगातार महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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