Bhopal Minor Misdeed Case : ऐसे 32 दिन में फांसी के फंदे तक पहुंचा दरिंदा, जानें पूरी कहानी

भोपाल। Bhopal Minor Misdeed Case : पिछले महीने भोपाल की एक झुग्गी बस्ती में 9 साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। आज इस केस में स्पेशल कोर्ट ने दोषी विष्णु को सजा-ए-मौत की सजा सुनाई। कोर्ट ने महज 32 दिन के भीतर ही मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले को फांसी की सजाई सुनाई है। लेकिन ऐसा नहीं है कि शुरू से ही पुलिस ने ऐसी तेजी दिखाई। अगर पुलिस 8 जून को बच्ची के गायब होने के बाद परिवार की बात पर हरकत करती तो शायद मासूम आज जिंदा होती।

ये है पूरा मामला
बता दें कि 9 साल की मासूम बच्ची भोपाल के कमलानगर इलाके की एक झुग्गी बस्ती में अपने परिवार के साथ रहती थी। वारदात वाले दिन जब वो घर से अपनी दादी के लिए गुटखा लेने गई थी तो पास में ही रहने वाले विष्णु ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के डर से उसी रात विष्णु ने मासूम की हत्या कर दी। इस बीच मासूम के घऱवाले उसी रात कमलानगर थाने पहुंचे थे। लेकिन बच्ची को तुरंत खोजने से पुलिस ने इनकार कर दिया था। हालांकि मामले के गरमाने पर पुलिस करीब चार घंटे बाद देर रात सक्रिय हुई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्ची के पड़ोस में ही रहने वाला युवक दरिंदगी की सारी हदें पार कर चुका था। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे घर से 20 कदम की दूरी पर बच्ची को मृत स्थिति में उसके पिता ने नाले के किनारे देखा। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कमलानगर थाने के सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले पर बीस हजार का इनाम घोषित करके उसकी तलाश तेज की। सर्चिंग में बच्ची के पड़ोस में रहने वाला युवक विष्णु उर्फ बबलू घर से गायब मिला। पुलिस ने उसकी झुग्गी की तलाशी ली। वहां पुलिस को खून के धब्बे मिले। बच्ची की टूटी हुई चूड़ियों के टुकड़े और बाल भी मिले। 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने विष्णु को खंडवा के पास मोरटक्का के पास से पकड़ लिया।
बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की सूचना शहर में फैलते ही पीड़ित के घर के बाहर नेता, अफसर व आमजन का जमावड़ा लग गया। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, गैस राहत मंत्री आरिफ अकील व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी पीड़ित के यहां पहुंच कर सांत्वना दी और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने फांसी की सजा दिलाने के लिए हस्ताक्षऱ अभियान तक चलाया। सरकार ने भी इस केस की फास्ट ट्रैक सुनवाई के लिए कोशिश की। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुई कुछ दिनों के अंदर ही कोर्ट में चालान पेश कर दिया और तीस दिन चली सुनवाई के बाद आज कोर्ट ने बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले विष्णु को फांसी की सजा सुनाई।








