होली के पहले स्कूलों में बच्चों ने जमकर उड़ाया रंग, गुलाल और अबीर, पर्व के पहले एक-दूसरे को दी रंगोत्सव की बधाई

कटनी(YASHBHARAT.COM)। होली की छुट्टी होने से पहले विद्यालयों में बच्चों ने जमकर एक-दूसरे पर गुलाल लगाया। छात्रों ने रंग, गुलाल उड़ाकर अपने सहपाठियों के साथ होली खेली और गुरुजनों को भी होली की बधाई दी। वहीं कई स्कूलों में बच्चों ने केमिकलयुक्त रंगों को त्याग कर फूलों की होली भी खेली। जिले के कई स्कूलों में आज गुरूवार को होली की छुट्टी घोषित कर दी गई। स्कूलों में सुबह से अध्यापन कार्य दोपहर तक चला। इसके बाद स्कूल के प्रधानाचार्यों ने होली के सार्वजनिक अवकाश की सूचना छात्रों को सुनाया गया। घर जाने से पहले शहर के विभिन्न स्कूलों में छात्र व छात्राओं ने अपने सहपाठियों और अध्यापकों के साथ जमकर होली खेली। छात्रों व छात्राओं ने एक दूसरे के रंग लगाकर होली का उल्लास जाहिर किया। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सेंटपाल स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूल के बाहर आकर स्कूली बच्चे होली के रंग में रंग गए और एक दूसरे को रंग लगा कर होली की खुशी का इजहार किया। उल्लेखनीय है कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालयों में आज गुरूवार को होली का अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके बाद सभी स्कूल, कालेजों में होली का अवकाश हो जाएगा।
अवकाश से पूर्व स्कूली बच्चों ने आपस में जमकर होली खेली। कहीं अबीर गुलाल से तो कहीं गीले रंगों से होली खेली गई। स्कूल से लौटने वाले हर बच्चे का चेहरा कई रंगों से रंगा नजर आ रहा था। विद्यार्थियों ने गुरुजनों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। हाल ये रहा कि विद्यालयों से निकलने वाले बच्चों के चेहरे पहचाने नहीं जा रहे थे। हरे, लाल, नीले पीले रंगों और अबीर गुलाल से रंगे चेहरों पर होली का उत्साह साफ झलक रहा था। प्रात: प्रतिदिन की तरह बच्चे स्कूल पहुंचे पर अधिकांश पढऩे के उद्देश्य से कम बल्कि होली खेलने की ललक को लेकर स्कूल गए। अधिकांश बच्चे अबीर गुलाल लेकर विद्यालय पहुंचे। वहीं अधिकांश विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने अपनी ओर से अबीर गुलाल की व्यवस्था की थी। दोपहर बाद सभी बच्चों को होली खेलने की छूट दे दी गई। कुछ विद्यालयों में परिसर के अंदर ही तो कुछ में मुख्य गेट के बाहर काफी देर तक होली खेलने का दौर चला। होली को लेकर बच्चों में खासा उत्साह दिखा। होली के त्यौहार से पहले स्कूलों में बच्चों ने जमकर रंग और अबीर-गुलाल के साथ उत्सव मनाया। छात्रों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं दीं और शिक्षकों ने उन्हें प्राकृतिक रंगों के सुरक्षित उपयोग की सलाह दी।
–: मैटर में लगी फाइल फोटो है








