Azam Khan Case: आजम खां को कोर्ट से महा झटका, दो पैन कार्ड मामले में बढ़कर 10 साल हुई जेल; जुर्माना भी 50 हजार से हुआ 5 लाख
Azam Khan Case: आजम खां को कोर्ट से महा झटका, दो पैन कार्ड मामले में बढ़कर 10 साल हुई जेल; जुर्माना भी 50 हजार से हुआ 5 लाख
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। बेटे अब्दुल्ला आजम के दोहरे पैन कार्ड (Duplicate PAN Card) मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शनिवार को एक बेहद सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार और अभियोजन पक्ष की अपील को स्वीकार करते हुए आजम खां की सजा को 7 साल से बढ़ाकर 10 साल की कठोर कैद में तब्दील कर दिया है।Bइतना ही नहीं, अदालत ने आजम खां पर लगे आर्थिक जुर्माने को भी 10 गुना बढ़ाते हुए 50 हजार रुपये से सीधे 5 लाख रुपये कर दिया है।
बेटे अब्दुल्ला आजम को आंशिक राहत, लेकिन जुर्माना बढ़ा
इस पूरे मामले में आजम खां के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को लेकर भी कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट की है कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की 7 साल की जेल की सजा को यथावत रखा है, यानी उनकी सजा में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, अब्दुल्ला आजम पर भी कोर्ट ने आर्थिक हंटर चलाया है। उन पर पहले लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना अब बढ़ाकर 4 लाख रुपये (साढ़े तीन लाख की बढ़ोतरी) कर दिया गया है।Azam Khan Case: आजम खां को कोर्ट से महा झटका, दो पैन कार्ड मामले में बढ़कर 10 साल हुई जेल; जुर्माना भी 50 हजार से हुआ 5 लाख
क्यों पलटा सेशन कोर्ट ने फैसला? समझिए पूरा गणित
यह पूरा मामला अब्दुल्ला आजम द्वारा धोखाधड़ी से दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाने और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करने से जुड़ा है, जिसमें आजम खां मुख्य साजिशकर्ता थे। इससे पहले नवंबर 2025 में रामपुर की निचली मजिस्ट्रेट अदालत ने पिता-पुत्र दोनों को दोषी मानते हुए 7-7 साल की जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ही दोनों जेल में बंद हैं। इस सजा के खिलाफ जहां आजम खां के वकीलों ने सजा रद्द करने की अपील की थी, वहीं सरकारी वकील (अभियोजन) ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सजा की अवधि बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। शनिवार को लंबी बहस के बाद सेशन कोर्ट ने सरकार की दलीलों को सही पाया और आजम खां की सजा बढ़ा दी।
हेट स्पीच मामले में भी पिछले हफ्ते हो चुकी है 2 साल की सजा
आजम खां के खिलाफ अदालती हंटर सिर्फ पैन कार्ड मामले तक ही सीमित नहीं है। ठीक एक हफ्ता पहले (शनिवार, 16 मई) को भी उन्हें एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में एक रोड शो के दौरान आजम खां ने रामपुर के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट (DM) को ‘तनखैया’ बोलते हुए उनसे जूते साफ कराने का अमर्यादित बयान दिया था। इस हेट स्पीच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर टांडा के एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने 16 मई को ही आजम खां को 2 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस सुनवाई के दौरान आजम खां जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। लगातार एक के बाद एक आ रहे अदालती फैसलों और बढ़ती जेल की मियाद के कारण अब आजम खां का सियासी भविष्य पूरी तरह से अंधकार में लटक गया है।

