कन्या महाविद्यालय में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कन्या महाविद्यालय में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजि
कटनी-सेवा पखवाड़ा: लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक “सेवा पखवाड़ा” अभियान का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में स्वच्छता, सेवा और सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के कुशल मार्गदर्शन में, स्थानीय लघु एवं कुटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं को नौकरी ढूंढने के बजाय उद्यमी बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस कार्यक्रम का संयोजन वाणिज्य विभाग के डॉ. संजयकांत भारद्वाज और डॉ. अशोक शर्मा एवं सेवा पखवाड़ा प्रभारी डॉ. रोशनी पाण्डेय ने किया ।
मुख्य वक्ता के रूप में, जिला उद्योग व्यापार केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह ने शासन की प्रमुख योजनाओं और उद्यमियों को मिलने वाले प्रोत्साहन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को बताया कि कैसे सरकार की विभिन्न नीतियां छोटे व्यवसायों को स्थापित करने और बढ़ावा देने में मदद कर रही हैं। उनके साथ प्रबंधक अनामिका जैन, प्रबंधक राजेश पटेल और सहायक प्रबंधक अंजली पटेल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्राओं के सवालों का जवाब दिया और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर, महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए आर्ट एवं क्राफ्ट से बनी विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई। उनके उत्पादों ने यह साबित कर दिया कि उनमें उद्यमिता की अपार क्षमता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और छात्राएं मौजूद थीं, जिनमें डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, बंदना मिश्रा, के.जे. सिन्हा, डॉ. अमिताभ पांडेय, डॉ. सुनील कुमार, भीम बर्मन, प्रेमलाल कॉवरे, डॉ. रंजना वर्मा, श्वेता कोरी, रिचा दुबे, डॉ. वंदना चौहान, आजंनेय तिवारी, विनीत सोनी, डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रियंका सोनी, सुषमा वर्मा, डॉ. अपर्णा मिश्रा, रत्नेश कुशवाहा, देववती चक्रवर्ती और मैत्रेयी शुक्ला शामिल थीं। यह कार्यक्रम छात्राओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने में अत्यंत सफल रहा।








