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पूर्व जिला पंचायत CEO के नाम की फर्जी फेसबुक ID पर साइबर ठगी का प्रयास, वनरक्षक की सतर्कता से टला ठगी का मामला 

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पूर्व जिला पंचायत CEO के नाम की फर्जी फेसबुक ID पर साइबर ठगी का प्रयास, वनरक्षक की सतर्कता से टला ठगी का मामला

कटनी। जिले में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर ठगी करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला कटनी के पूर्व जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत से जुड़ा है, जिनकी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर एक वनरक्षक को अपना शिकार बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, वनरक्षक की सूझबूझ के चलते ₹95,000 की ठगी होने से बच गई।

 

फेसबुक पर ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’ से हुई शुरुआत

जानकारी के अनुसार, ठगों ने शिशिर गेमावत के नाम और फोटो का उपयोग कर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार की। इस फर्जी आईडी से ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र की खमरिया रेंज में पदस्थ वनरक्षक प्रदीप तिवारी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। पूर्व परिचय और पद की गरिमा को देखते हुए वनरक्षक ने बिना किसी संदेह के रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली।

 

सस्ते सामान का झांसा और ₹95 हजार की मांग

रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही मैसेंजर पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। ठगों ने वनरक्षक का विश्वास जीतने के बाद उन्हें झांसा दिया कि ‘लग्जरी सोफे’ सहित अन्य घरेलू सामान बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध हैं। इसके बदले में उनसे ₹95,000 का भुगतान करने को कहा गया और एक मोबाइल नंबर भी साझा किया गया।

 

ऐसे बेनकाब हुए जालसाज

बातचीत के दौरान वनरक्षक प्रदीप तिवारी को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत सतर्कता बरतते हुए चैट के स्क्रीनशॉट लिए और कुछ वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपने विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंजर अजय मिश्रा ने सीधे पूर्व जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत से फोन पर संपर्क किया। श्री गेमावत ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा ऐसी कोई आईडी नहीं चलाई जा रही है और न ही वे कोई सामान बेच रहे हैं। उन्होंने इस फर्जीवाड़े पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

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