निर्वाचन कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित(कटनी जिले की प्रशासनिक हलचल)
निर्वाचन कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित
कटनी(YASHBHARAT.COM)। स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में डाटा इंट्री ऑपरेटर के 1 पद पर संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक युवा कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक- 109 में शुक्रवार 16 जनवरी 2026 तक कार्यालयीन समय में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
पात्रता एवं शर्तें
ऐसे युवा जो मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो, 12वीं उत्तीर्ण हो तथा कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण (सीपीसीटी) परीक्षा उत्तीर्ण हो, आवेदन कर सकते हैं। साथ ही आयु 1 जनवरी 2026 की स्थिति में न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होना अनिवार्य है। महिला अनुसूचित जाति, अनुसूचितः जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अधिकतम आयुसीमा 45 वर्ष निर्धारित है।
डाटा एन्ट्री ऑपरेटर (संविदा) की नियुक्ति 28 फरवरी 2026 तक के लिए की जावेगी। संविदा अवधि आवश्यकतानुसार बढ़ाई जा सकेगी।
आवेदक निर्धारित प्ररूप में आवेदन पत्र अंतिम तारीख तक जिले के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) को स्पीड पोस्ट अथवा व्यक्तिशः भेज सकते हैं। विस्तृत जानकारी एवं शर्ते तथा आवेदन पत्र का प्ररूप मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाईड www.mplocalelection.gov.in से डाऊनलोड किया जा सकता है।
शैक्षणित योग्यता, मूल निवास, आरक्षण और आयु की शर्ते पूरी करने वाले आवेदक का चयन सीपीसीटी परीक्षा में कम्प्यूटर प्रोर्फिशयेन्सी में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट से किया जायेगा। सीपीसीटी में अंग्रेजी और हिन्दी टायपिंग में क्वालीफाई करना आवश्यक है। यद्यपि टाईपिंग का स्कोर मेरिट में नहीं जोड़ा जायेगा।
नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में जल गुणवत्ता सैंपलिंग का कार्य जारी, पेयजल व्यवस्था पाई गई संतोषजनक, जांच हेतु 17 पानी के सैंपल भेजे गए लैब
कटनी। नगर निगम कटनी सीमान्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश के बाद सक्रिय नगर निगम अमले ने सोमवार 5 जनवरी को विभिन्न जल स्रोतों के निरीक्षण , सैंपलिंग एवं जांच की कार्यवाही की।। इसके तहत विभिन्न वार्डो में पेयजल गुणवत्ता से संबंधित मैदानी सर्वेक्षण भी किया जाकर पेयजल के सैंपल संकलित किए गए।
सर्वेक्षण के दौरान जल आपूर्ति बिंदुओं का निरीक्षण करते हुए पानी की स्वच्छता एवं उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच में पाया गया कि क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति गुणवत्तापूर्ण पाई गई। पाइपलाइन के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति, नलों से साफ एवं स्वच्छ सुगम जल आपूर्ति। की जा रही है।
नगर निगम कर्मियों द्वारा सर्वेक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद भी किया गया। पुरुषों एवं बुजुर्ग नागरिकों से चर्चा में नागरिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है, पानी पीने योग्य है तथा पानी से संबंधित किसी प्रकार की समस्या नहीं है। नागरिकों ने यह भी बताया कि वे नियमित रूप से इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। वर्तमान में पानी से संबंधित कोई शिकायत या समस्या सामने नहीं आई है और जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
जांच हेतु 17 पानी के सैंपल भेजे गए लैब
इस कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा सोमवार को सर्वेक्षण के दौरान बाबा नारायण शाह वार्ड, काली माता मंदिर, माधवनगर रॉबर्ट लाईन, संत कंवरराम वार्ड टंकी नंबर 4, झिंझरी स्थित बिलहरी मोड नई पानी की टंकी, अल्फर्ट गंज मोहन टॉकीज रोड, कोतवाली थाना सिटी सप्लाई, जगमोहनदास वार्ड स्थित जंगल दफ्तर पानी की टंकी, सुधार न्यास कॉलोनी, महात्मा गांधी वार्ड कनकने स्कूल टंकी सप्लाई हेतु हरिजन बस्ती, निषाद स्कूल टंकी सप्लाई हेतु केवट कॉलोनी, मानसरोवर कॉलोनी टंकी, हाउसिंग बोर्ड टंकी, अमीरगंज स्थित नई टंकी, डनहिल टैंक सप्लाई हेतु बरगवां बंधवा टोला, सहित अन्य स्थलों से पानी के सैंपल लिये जाकर जांच हेतु लैब भेजे गए। वहीं मदन मोहन चौबे वार्ड में खराब पानी की सप्लाई की शिकायत पर वार्ड से सैंपल लिया जाकर टेस्टिंग हेतु लैब भेजने की कार्यवाही की गई। वहीं सुचारू पेयजल आपूर्ति के मद्देनजर सुधार न्यास कॉलोनी के संपवेल की सफाई का कार्य कराया गया।
नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी पेयजल की शुद्धता को लेकर किसी प्रकार की शिकायत हो, तो नागरिक तत्काल नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 9351136230 पर संपर्क करें, ताकि समय पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
विद्यार्थियों को दिया गया पोषक तत्वों के वर्गीकरण एवं उनकी आवश्यकता का तकनीकी प्रशिक्षण
कटनी। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत पोषक तत्वों की आवश्यकता एवं उनके वर्गीकरण का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण प्राचार्या डॉ सरिता पांडे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. प्रीति नेगी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि पौधों को भोज्य पदार्थ के रूप में 17 आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। इन आवश्यक पोषक तत्वों को पौधे की आवश्यकता के आधार पर तीन भागों में बांटा गया है। हवा एवं पानी से प्राप्त होने वाले पोषक तत्व कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन है। पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश इन पोषक तत्वों की पौधों को अधिक मात्रा में आवश्यकता पड़ती है। द्वितीय पोषक तत्व के अंतर्गत कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के अंतर्गत लोहा, मैंगनीज, कॉपर, जिंक, बोरान, मॉलीबेडी, नमक्लोरीन तथा निकिल की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को एकीकृत कृषि प्रणाली, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन, एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन एवं एकीकृत खरपतवार नींदा प्रबंधन की जानकारी, कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग के अंतर्गत जानकारियां दी गई। जिससे बाजार पर निर्भरता कम एवं उत्पादन अधिक मिल सके।
दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय एवं पुनर्वास केंद्र झिंझरी में ब्रेल दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
कटनी। दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय एवं पुनर्वास केंद्र झिंझरी में विश्व ब्रेल दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ब्रेललिपि की उपयोगिता, महत्व और दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजीव कुमार रायकवार ने कहा कि ब्रेललिपि दृष्टिबाधित छात्रों की शिक्षा व आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है।
दृष्टि दिव्यांग जनों को अध्ययन में सक्षम बनातीं है ब्रेललिपि
ब्रेललिपि के माध्यम से दृष्टिबाधित व्यक्तियो को शिक्षा, सूचना और संचार तक समान रूप से पहुंचती है। विद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों को अवसर देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यालय के संचालक राजीव कुमार रायकवार ने कहा कि ब्रेललिपि स्वतंत्र रूप से पढ़ने-लिखने, नोट्स तैयार करने और अध्ययन करने में सक्षम बनातीं है। जिससे उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और कैरियर निर्माण के अवसर भी सुलभ होते हैं।
लुई ब्रेल दिवस दृष्टिबाधितों के लिये सिर्फ पढ़ने-लिखने का माध्यम नहीं बल्कि ब्रेल सम्मानजनक जीवन ज़ीने का आधार है। बेहतरीन कार्य करने वाले दृष्टिबाधितों ने ब्रेललिपि के महत्व को उनके जीवन से जोड़ते हुए साझा किया। किसी ने बताया कि ब्रेललिपि उनके लिए आंखों की तरह काम आईं तो किसी ने कहा कि सामान्य लोगों के बीच व्यवस्थित जीवन जीने और सम्मान से रहने में इसका बहुत योगदान रहा।
कटनी जिले का एकमात्र दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय एवं पुनर्वास केंद्र झिंझरी है। इसमें भारत का आठवां एक्सटेंशन बुक काऊन्टर एवं अंतर्राष्ट्रीय ब्रेललिपि की पुस्तकें विदेशों से मंगाई गई हैं, जो दृष्टि दिव्यांग जनों के हितार्थ समर्पित है एवं दृष्टि दिव्यांग जनों को विद्यालय में दृष्टि दिव्यांग जनों को कुर्सी, बिनाई, मोमबत्ती, अगरबत्ती, चाक, बत्ती एवं दृष्टि दिव्यांग जनों को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे दृष्टिबाधित व्यक्ति भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके।
कार्यक्रम में विद्यालय के कर्मचारी धनश्याम गोल्हानी, राधेश्याम उइके, शिवा सिंह परिहार, दीपा बर्मन एवं अध्ययनरत छात्र-छात्रा, संस्था के संचालक राजीव कुमार रायकवार, सामाजिक न्याय विभाग कटनी के अधिकारी एवं कर्मचारी अमित दुबे, नम्रता चौबे, दिव्यांशु कुररिया, प्रियंका रावत, आदिल खान उपस्थित रहे।







