AI की चालाकी: बैंक अकाउंट हैक! क्या आपके पैसे सुरक्षित हैं?
AI की चालाकी: बैंक अकाउंट हैक! क्या आपके पैसे सुरक्षित हैं?

AI की चालाकी: बैंक अकाउंट हैक! क्या आपके पैसे सुरक्षित हैं?। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कई कामों में इस्तेमाल किया जा रहा है. मगर अब इसने आपके बैंक अकाउंट से पैसा खर्च करने की भी तैयारी शुरू कर दी है. चौंकिए नहीं, क्योंकि Skyfire Systems ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है, जो पेमेंट करने के लिए एआई एजेंट्स का इस्तेमाल करता है.
जरा सोचिए आपकी जगह आपके बैंक अकाउंट से एआई के जरिए पैसा खर्च किया जा रहा है. सिर्फ सोचने में ही ये खतरनाक लग सकता है, लेकिन यहां थोड़ा ट्विस्ट है. एक टेक स्टार्टअप स्काईफायर सिस्टम ने एआई के लिए एक पेमेंट नेटवर्क डिजाइन किया है. ये प्लेटफॉर्म एआई एजेंट्स को ऑटोमैटिक ट्रांजेक्शन करने की इजाजत देता है.
सेफ्टी का इंतजाम
अगर एआई बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन करेगा तो रिस्क भी हो सकता है. इसलिए कंपनी ने सिक्योरिटी का भी इंतजाम किया है. एआई एजेंट्स के पास बैंक अकाउंट से पैसा खर्च करने की इजाजत तो रहेगी, लेकिन इन्हें सुरक्षा के कड़े इंतजाम से भी गुजरना होगा. हरेक एआई एजेंट को यूनीक पहचान वाला एक डिजिटल वॉलेट दिया जाएगा. एआई एजेंट इस वॉलेट में से ही पैसा खर्च कर सकेंगे.
AI एजेंट्स पर कंट्रोल
जो लोग या कंपनियां इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे, वे वॉलेट में जितनी मर्जी रकम डाल सकते हैं. लेकिन डिजिटल वॉलेट होने की वजह से एआई एजेंट्स केवल उतना पैसा खर्च कर पाएंगे जितना वॉलेट में होगा. आप खुद तय कर सकते हैं कि वॉलेट में कितना खर्च करने लायक कितना पैसा डाला जाए. इस तरह एआई एजेंट्स बैंक अकाउंट से अनलिमिटेड पैसा खर्च नहीं कर सकेंगे.
कुछ गड़बड़ हुई तो?
इसके अलावा आप एआई एजेंट्स के लिए खर्च करने की लिमिट तय कर सकेंगे. ये ट्रांजेक्शन और समय दोनों के हिसाब से किया जा सकता है. अगर एआई एजेंट लिमिट से ज्यादा पैसा खर्च करने की कोशिश करता है, तो अलर्ट आ जाएगा. इसके अलावा यूजर्स को डैशबोर्ड भी मिलेगा, जिसमें यह देखा जा सकेगा कि एआई एजेंट्स कहां और कितना पैसा खर्च कर रहे हैं.
पिछले दो महीने से इस प्लेटफॉर्म की टेस्टिंग चल रही है. कुछ एआई एजेंट्स स्काईफायर का पेमेंट नेटवर्क का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. ग्लोबल ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी डेंसो एंड पेमैन ने इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.








