दिल्ली होटल अग्रिकांड से सबक ले प्रशासन, शहर में भी हो होटलों की जांच

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कटनी(YASHBHARAT.COM)। देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देश के कई शहरों में रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे होटलों, गेस्ट हाउसों और रेस्टोरेंट की सुरक्षा को लेकर सख्त जांच अभियान शुरू हो गए हैं तथा प्रशासन बिना फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन वाले परिसरों को सील कर रहा है लेकिन कटनी के जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया है। शहर में भी रिहायशी इलाकों में कई होटल संचालित हैं, जिनमें सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी है ताकि दिल्ली जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। गौरतलब है कि दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड जैसी दुखद घटनाओं के बाद कई प्रदेशों की राज्य सरकारों ने होटल, मोटेल और रेस्टोरेंट के लिए सख्त जांच के निर्देश दिए हैं। शहर में भी नियमों की अनदेखी रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी होटलों की जांच बहुत जरूरी है।

सुरक्षा के लिहाज से किसी भी होटल, रिसॉर्ट या गेस्ट हाउस में निम्नलिखित बातों की जांच आवश्यक

अग्निशमन यंत्र-होटल में आग बुझाने वाले उपकरण, स्प्रिंकलर सिस्टम और अलार्म सही स्थिति में होने चाहिए।

आपातकालीन निकास-किसी भी अनहोनी की स्थिति में बाहर निकलने के लिए सुरक्षित और चौड़े रास्ते होने चाहिए।

वेंटिलेशन-बेसमेंट में पर्याप्त हवा की आवाजाही होनी चाहिए ताकि दम घुटने जैसी स्थिति न बने।

वैध लाइसेंस और एनओसी-होटल के पास नगर निगम और फायर डिपार्टमेंट के वैध दस्तावेज/मंजूरी होनी चाहिए।

अवैध निर्माण-बेसमेंट में नियम विरुद्ध कमरे तो नहीं बनाए गए हैं या रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां तो नहीं चल रही हैं।

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अनुमति और लाइसेंस-होटल के पास नगर निगम, पर्यटन विभाग और फायर विभाग की वैध एनओसी होनी चाहिए।

जांच न होने से होते हैं ये नुकसान

हादसों का खतरा-संकरी गलियों और भीड़.भाड़ वाले इलाकों में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे होटल जानलेवा साबित हो सकते हैं।

सुविधाओं में कमी-नियमों की जांच न होने से ग्राहकों को खराब हाइजीन और घटिया सेवाओं का सामना करना पड़ता है।