6 भाई नहीं पहुंचे सगे भाई के अंतिम संस्कार में तब बहन ने निभाया फर्ज, लोगों ने कहा ‘बहन-बेटी’ की महिमा अपरंपार
बरही। आज तहसील बरही के ग्राम कुआ, में गरीब बहन ने भाई के प्रति अपना वह दायित्व निभाया जो एक पुत्र, भाई या फिर कोई और सगा भी नहीं निभा सकता था। दरअसल 6 भाइयों के भरे पूरे परिवार के एक भाई बहन गांव में रहते थे। बाकी सभी बड़े शहरों में रहने लगे।
शहर क्या गए सम्बन्ध भी भूल गए। कहावत चरितार्थ हुई कि भाई भाई का सगा नहीं गांव में रहने वाले भाई की म्रत्यु हुई तो कोई भी भाई अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा। तब इस भाई की बहन ने अपना फर्ज निभाया
6 भाइयों के होते हुए अपने भाई ओमकार पिता शिवमंगल सिंह का अंतिम संस्कार बहन ने करके साबित कर दिया कि लड़की किसी कमजोर नहीं है ।
वह पुरुषों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर समाज के साथ आगे चल सकती है सभी भाई संपन्न है। इसके बावजूद अंतिम संस्कार में उपस्थित नहीं हुए।
वाकया आज के समाज को शर्मसार कर रहा है। बताया जा रहा है कि मृतक 6 भाई होते है, जिनमे से कुछ बम्बई दिल्ली में रहते है, जबकि एक भाई जबलपुर में रहता है, लेकिन सूचना देने के बाद भी एक भी भाई मृतक का अंतिम संस्कार करने नही पहुँचा, जिसके बाद मृतक की बहन ने अंतिम संस्कार किया। जिसने भी देखा बहन की हिम्मत की प्रशंसा की ऒर कहा कि सचमुच बहन बेटी की महिमा अपरंपार है।








