भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किसानों के कर्ज माफी की जो घोषणा की गई है, उस पर यदि अमल होता है तो लगभग 35 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। आज की स्थिति में मप्र के 72 लाख किसानों पर करीब 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। विधानसभा चुनाव में किसान प्रमुख मुद्दा बनने जा रहे हैं। राहुल गांधी छह जून 2018 को मंदसौर और फिर भोपाल में 17 सितंबर को किसानों की कर्ज माफी का एलान कर चुके हैं। अध्यक्ष के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए मप्र कांग्रेस कमेटी ने कर्ज माफी के आंकड़े और उसके लिए सरकारी खजाने में राशि जुटाने को लेकर रणनीति बना ली है। कांग्रेस ने छोटे और मध्यम किसानों को इस कर्ज माफी का लाभ देने के लिए 35 हजार करोड़ राशि की आवश्यकता का आकलन किया है। किसान सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों से ऋण लेता है। ऋण का बड़ा हिस्सा वाणिज्यिक बैंकों का होता है। प्रदेश में 72 लाख किसान किसी न किसी बैंक से कर्ज लेते हैं। मप्र सरकार अभी किसानों को हर साल 15 हजार करोड़ कर्ज देती है जिसे 2022 तक 25 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है। मप्र में सहकारी बैंकों के करीब 56 लाख किसान क्रेडिट कार्डधारी किसान हैं। प्रदेश के 16.50 लाख किसानों का पांच हजार करोड़ डूबत ऋण है। जिसके लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समझौता योजना लागू की है। इसका 5 लाख से ज्यादा किसानों ने फायदा भी लिया है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने किसान कर्ज माफी के लिए अधिकतम सीमा दो लाख रुपए रखने का फैसला किया है। वचन पत्र में भी इसका जिक्र रहेगा। इससे 37 लाख किसानों के लाभान्वित होने का पार्टी ने अनुमान लगाया है जिनके लिए 35 हजार करोड़ रुपए का सरकार पर आर्थिक भार पड़ेगा। इस तरह कर्ज माफी होगी सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने सरकार में आते ही कर्ज माफी के लिए बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट की योजना पर अमल करने का फैसला किया है। इसमें पात्र किसानों के कर्ज की राशि भुगतान का दायित्व सरकार अपने ऊपर लेगी। बैंक से पांच साल की किस्त बनवाएगी। सूत्रों का कहना है कि सरकार में आने पर कांग्रेस ने कर्ज माफी के लिए मितव्ययिता का सख्ती से पालन करने का फैसला किया है। इसमें रैलियों पर होने वाले खर्चों पर रोक लगाना सबसे अहम है। साथ ही बिचौलियों को लाभ पहुंचाने वाली गैर जन उपयोगी योजनाओं को बंद करना भी कांग्रेस की प्राथमिकता में है। फिजूल खर्च खत्म कर होगी कर्ज माफी कांग्रेस सरकार में आते ही किसानों के कर्ज माफ करेगी। इसके लिए मौजूदा सरकार द्वारा किए जा रहे फिजूल खर्चों को समाप्त करके वादा पूरा किया जाएगा। इससे 37 लाख किसानों को फायदा होगा - दिनेश गुर्जर, अध्यक्ष, मप्र किसान कांग्रेस कितने किसान कर्जदार: 72 लाख कितनी राशि: 75 हजार करोड़ रुपए डूबत ऋण: पांच हजार करोड़ रुपए डूबत ऋण वाले किसान: करीब साढ़े 16 लाख
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किसानों के कर्ज माफी की जो घोषणा की गई है, उस पर यदि अमल होता है तो लगभग 35 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। आज की स्थिति में मप्र के 72 लाख किसानों पर करीब 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। विधानसभा चुनाव में किसान प्रमुख मुद्दा बनने जा रहे हैं। राहुल गांधी छह जून 2018 को मंदसौर और फिर भोपाल में 17 सितंबर को किसानों की कर्ज माफी का एलान कर चुके हैं। अध्यक्ष के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए मप्र कांग्रेस कमेटी ने कर्ज माफी के आंकड़े और उसके लिए सरकारी खजाने में राशि जुटाने को लेकर रणनीति बना ली है। कांग्रेस ने छोटे और मध्यम किसानों को इस कर्ज माफी का लाभ देने के लिए 35 हजार करोड़ राशि की आवश्यकता का आकलन किया है। किसान सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों से ऋण लेता है। ऋण का बड़ा हिस्सा वाणिज्यिक बैंकों का होता है। प्रदेश में 72 लाख किसान किसी न किसी बैंक से कर्ज लेते हैं। मप्र सरकार अभी किसानों को हर साल 15 हजार करोड़ कर्ज देती है जिसे 2022 तक 25 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है। मप्र में सहकारी बैंकों के करीब 56 लाख किसान क्रेडिट कार्डधारी किसान हैं। प्रदेश के 16.50 लाख किसानों का पांच हजार करोड़ डूबत ऋण है। जिसके लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समझौता योजना लागू की है। इसका 5 लाख से ज्यादा किसानों ने फायदा भी लिया है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने किसान कर्ज माफी के लिए अधिकतम सीमा दो लाख रुपए रखने का फैसला किया है। वचन पत्र में भी इसका जिक्र रहेगा। इससे 37 लाख किसानों के लाभान्वित होने का पार्टी ने अनुमान लगाया है जिनके लिए 35 हजार करोड़ रुपए का सरकार पर आर्थिक भार पड़ेगा। इस तरह कर्ज माफी होगी सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने सरकार में आते ही कर्ज माफी के लिए बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट की योजना पर अमल करने का फैसला किया है। इसमें पात्र किसानों के कर्ज की राशि भुगतान का दायित्व सरकार अपने ऊपर लेगी। बैंक से पांच साल की किस्त बनवाएगी। सूत्रों का कहना है कि सरकार में आने पर कांग्रेस ने कर्ज माफी के लिए मितव्ययिता का सख्ती से पालन करने का फैसला किया है। इसमें रैलियों पर होने वाले खर्चों पर रोक लगाना सबसे अहम है। साथ ही बिचौलियों को लाभ पहुंचाने वाली गैर जन उपयोगी योजनाओं को बंद करना भी कांग्रेस की प्राथमिकता में है। फिजूल खर्च खत्म कर होगी कर्ज माफी कांग्रेस सरकार में आते ही किसानों के कर्ज माफ करेगी। इसके लिए मौजूदा सरकार द्वारा किए जा रहे फिजूल खर्चों को समाप्त करके वादा पूरा किया जाएगा। इससे 37 लाख किसानों को फायदा होगा - दिनेश गुर्जर, अध्यक्ष, मप्र किसान कांग्रेस कितने किसान कर्जदार: 72 लाख कितनी राशि: 75 हजार करोड़ रुपए डूबत ऋण: पांच हजार करोड़ रुपए डूबत ऋण वाले किसान: करीब साढ़े 16 लाख