Pokémon GO के जरिए जुटे 30 अरब फोटो, अब 3D मैपिंग और रोबोट ट्रेनिंग में इस्तेमाल
Pokémon GO के जरिए जुटे 30 अरब फोटो, अब 3D मैपिंग और रोबोट ट्रेनिंग में इस्तेमाल
Pokémon GO के जरिए जुटे 30 अरब फोटो, अब 3D मैपिंग और रोबोट ट्रेनिंग में इस्तेमालरिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 में लॉन्च हुए AR गेम Pokémon GO के खिलाड़ियों ने अनजाने में अरबों तस्वीरें और स्कैन रिकॉर्ड किए। इन डेटा का इस्तेमाल अब रियल-वर्ल्ड 3D मैपिंग और डिलीवरी रोबोट्स को ट्रेन करने में किया जा रहा है।
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Pokémon GO के जरिए जुटे 30 अरब फोटो, अब 3D मैपिंग और रोबोट ट्रेनिंग में इस्तेमाल
कैसे बना विशाल डेटाबेस?
करीब 14 करोड़ से ज्यादा यूजर्स ने गेम खेलते समय लोकेशन, कैमरा एंगल, डिवाइस मूवमेंट और सेंसर डेटा साझा किया। समय के साथ यह जानकारी एक बड़े विजुअल डेटासेट में बदल गई।
30 अरब तस्वीरों से 3D मॉडल
AR टेक्नोलॉजी कंपनी Niantic के मुताबिक, गेम और अन्य AR ऐप्स के जरिए 30 अरब से ज्यादा तस्वीरें एकत्र हुईं। इनसे वास्तविक दुनिया का विस्तृत डिजिटल 3D मॉडल तैयार किया गया।
रोबोट ट्रेनिंग में उपयोग
यह डेटासेट अब ऑटोनॉमस डिलीवरी रोबोट्स को ट्रेन करने में काम आ रहा है। इससे मशीनें सड़कों, इमारतों और अलग-अलग वातावरण को बेहतर तरीके से पहचान पाती हैं, जिससे भविष्य में डिलीवरी सिस्टम अधिक सुरक्षित और सटीक हो सकते हैं।
उठे डेटा प्राइवेसी सवाल
हालांकि कंपनी का कहना है कि यूजर्स ने डेटा कलेक्शन के लिए सहमति दी थी, लेकिन कुछ विशेषज्ञ इसे इनफॉर्म्ड कंसेंट और AI उपयोग के संदर्भ में बहस का विषय मान रहे हैं। यह मुद्दा अब टेक दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।कुल मिलाकर, एक लोकप्रिय गेम ने न केवल मनोरंजन दिया, बल्कि अनजाने में दुनिया का एक विशाल डिजिटल मैप तैयार करने में भी भूमिका निभाई।








