भोपाल। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह एकदम सही है। अजब एमपी की गजब कहानी है यहां 100 वर्ष से अधिक पुराने जलाशय का महज 3 हजार रुपये में रखरखाव हो जाता है। लगभग 2 लाख की राशि से एक दो नहीं पूरे 9 जलाशयों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग निभा लेता है। मितव्ययिता तो कोई इनसे सीखे। यह खुलासा आज विधायक संजय पाठक के विधानसभा में ध्यानाकर्षण के बाद हुआ जिसमे उन्होंने विजयराघवगढ़ के 9 जलाशयों के रखरखाव तथा मरम्मत की मांग की थी।
विधायक संजय संजय सत्येंद्र पाठक ने इन जलाशयों के लिए उठाई आवाज
आज मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के द्वारा लाये गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब मंत्री हुकुम सिंह कारड़ा ने जवाब दिया तो पूरा सदन का आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक था। विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से विगढ़ के 9 प्रमुख जलाशयों के मरम्मत नहरों के सुधार आदि विषयों पर सरकार से तत्काल मरम्मत की मांग की थी।
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने ध्यानाकर्षण सूचना में कहा था की विजयराघवगढ़ क्षेत्र के 9 जलाशय जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं। इन जलाशयों के शीघ्र निर्माण अथवा मरम्मत की आवश्यकता है। जलाशयों की टूट-फूट के कारण इनका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा। श्री पाठक ने बताया कि 9 जलाशय जर्जर अवस्था में एवं नहरें टूटी फ़ूटी अवस्था में है। नहरों की लाइनिंग कार्य व मरम्मत नही हुई उसे तत्काल ठीक कराया जाये। जलाशयों लिए 13 करोड़ का फंड दिया जाए जिससे मरम्मत से रबी एवं खरीब के सीजन में किसानों की नहरों के माध्यम से सिंचाई खितौली, सकरी रजरवारा, गुडेहा पिपरिया, पथरहटा, जगुआ, मुहास, देवसरी इंदौर, सिजहनी, घुनसुर आदि जलाशयों एवं नहरों की शीघ्र मरम्मत की मांग श्री पाठक ने की थी।
सौ से 110 साल पुराने हैं जलाशय
ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि जलाशयों के रखरखाव की व्यवस्था सरकार 125 रुपये प्रति हेक्टेयर के मान से करती है लेकिन कुछ जलाशय इतने पुराने है कि इसमे जल क्षरण होता ही है। मंत्री ने बताया कि विगढ़ में घँसुर जलाशय 33 वर्ष पुराना है यही नहीं इंदौर देवसरी जलाशय 35 वर्ष, खितौला जलाशय 111 वर्ष पुराना है। पथरहता जलाशय 109 वर्ष पुराना है तो मोहास जलाशय 53 वर्ष, संकरी रजरवारा जलाशय 44 वर्ष पुराना वहीं सिजहनी जलाशय 102 वर्ष पुराना है।
1 प्रतिशत भी राशि खर्च हो तो सुधर जाएंगे जलाशय- संजय पाठक
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए कल ही सदन में वक्तव्य दिया गया कि जलाशयों के निर्माण और मरम्मत के लिए 1 लाख 25 हजार करोड़ का व्यय किया जाना है इस बजट का 1 प्रतिशत भी विजयराघवगढ़ के लिए खर्च किया जाए तो 13 करोड़ की राशि से पूरे क्षेत्र के जलाशयों को ठीक किया जा सकता है नहरें सुधारी जा सकतीं है लाइनिंग हो सकती है। लेकिन सरकार 25 वर्ष या उससे अधिक पुराने जलाशयों के रखरखाव के लिए जरा भी गम्भीर नहीं है।
किसी का 20 तो किसी का 3 हजार में हो गया रखरखाव
विधायक संजय पाठक के ध्यानाकर्षण के जवाब में मंत्री हुकुमसिंह ने बताया कि विगढ़ क्षेत्र में जलाशयों के रखरखाव के लिए राशि खर्च की गई इस पर श्री पाठक ने जानना चाहा कि कोई आंकड़ा हो तो प्रस्तुत करें लेकिन जो आंकड़ा मंत्री द्वारा दिया गया उसे देख कर कोई भी अचरज में पड़ जाए। मंत्री श्री कारड़ा के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार , किसी मे 20 किसी मे 17 तो मोहास जलाशय के रखरखाव में 3 हजार रुपये खर्च हुए। अब समझा जा सकता है कि इस राशि मे जलाशयों का कितना अच्छा रखरखाव किया गया होगा? मंत्री श्री पाठक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ये जो भी राशि खर्च हुई ये वहां समितियों के कर्मचारियों के वेतन में खर्च हुई। जलाशयों की मरम्मत नहीं हुई।
मंत्री ने दिया आश्वासन
सदन में इस विषय पर लंबी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मंत्री ने पुराने जलाशयों की मरम्मत की जरूरत स्वीकारते हुए कहा कि ये सभी जलाशय काफी पुराने हैं इनके रखरखाव हेतु नीति के अनुसार बदलाव करेंगे औऱ समय पर पूरा काम कराएंगे। मंत्री ने कहा कि एक तालाब के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करा रहे हैं खरीफ की फसल के लिए काम हो जाएगा उसके बाद अन्य तालाबों के लिए भी रखरखाव मरम्मत सुधार कार्य कराया जाएगा।
