
बिलासपुर। यहां एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने जरा सी बात पर आत्मघाती कदम ही नही उठाया बल्कि अपनी मासूम बेटी को भी मौत दे डाली।
पति ने पत्नी को मायके जाने से मना कर दिया तो पत्नी ने अपनी 3 वर्ष की मासूम बच्ची काे फांसी पर झुला देने के बाद स्वयं भी फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। दिल दहला देने वाली घटना सरकंडा पुलिस थाना क्षेत्र की है। मृतका का पति रेलवे में लोको पायलट हैं।
छट्ठी मनाने के लिए अपने मायके जाने का कह रही थी पत्नी
घटना का पता शनिवार की रात 9 बजे उस समय चला जब मृतका का पति और देवर वापस घर आए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिवम विहार में रेलवे के लोको पायलट मनोरंजन धर्मराज अपनी पत्नी मीनाक्षी उर्फ रानू व अपने भाई के साथ शिवम विहार में कॉलोनी के क्वार्टर नंबर डी-50 में रहते हैं। दो दिन पहले उनकी पत्नी मीनाक्षी ने छट्ठी मनाने के लिए अपने मायके बालको जाने के लिए कहा। पति ने वहां जाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर शनिवार की सुबह पति-पत्नी में विवाद हो गया। इसके बाद धर्मराज अपने काम पर चला गया। शाम 4:30 बजे मृतका का देवर महात्मानंद कोचिंग चला गया। रात काे 9 बजे जब महात्मानंद कोचिंग से वापस आया तो देखा कि उसकी भाभी मीनाक्षी का कमरा अंदर से बंद था। कुछ देर बाद मीनाक्षी का पति मनोरंजन भी घर पहुंच गया। जब आवाज देने के बाद भी मीनाक्षी ने कमरा नहीं खोला तो गैलरी से होते हुए घर के पीछे पहुंचा और वहां से पीछे का दरवाजा खोलकर बेडरूम में पहुंचे तो देखा कि उसकी पत्नी मीनाक्षी व 3 वर्ष की बेटी प्रेरितशा फांसी पर लटकी हुई थी।
पति ने सोचा नहीं था वह इतना बड़ा कदम उठाएगी
प्रारंभिक पूछताछ में पति ने इतना ही बताया है कि उसने पत्नी को मायके जाने से मना किया था और इसी बात को लेकर सुबह विवाद हुआ था। उसने कहा कि सोचा भी नहीं था कि मीनाक्षी इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
पित बोली- जब तक मैं आ नहीं जाऊं तब तक कोई छुए नहीं मेरी बेटी को
3 वर्ष की बेटी को फांसी से मौत देेने के बाद स्वयं भी आत्महत्या कर लेने वाली मीनाक्षी के पिता को जब इस घटना की जानकारी दी गई तो वह कुछ देर तक बोल ही नहीं पाए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से फोन पर ही साफ कह दिया कि जब तक मैं आ नहीं जाऊं तब तक न तो पंचनामा होगा और न ही पोस्टमार्टम। और न ही मेरी बेटी को कोई छुए।
पुलिस ने भी पिता की भावना को समझते हुए मृतका व उसकी बेटी के शव को उसी कमरे में रखवा दिया है। इससे पहले ही तोरवा पुलिस थाना क्षेत्र के देवरीडीह में सतबहनिया मंदिर के पास रहने वाली एक महिला ने फांसी लगा ली थी और उसका पति भी लोको पायलेट है। मृतका मीनाक्षी का मायका बालको में है। वर्ष 2015 में ही शादी मनोरंजन धर्मराज से हुई थी। प्रारंभिक जांच व पति व पिता के बयान के बाद पुलिस का जो निष्कर्ष है उसके अनुसार मृतका मीनाक्षी व उसके पति मनोरंजन के बीच जरूर कुछ ऐसा रहा है जिसे लेकर विवाद होता रहा होगा, और इसकी जानकारी मीनाक्षी अपने माता-पिता को देती रही होगी। पुलिस का यह भी मानना है कि अपनी 3 वर्ष की बेटी को मौत दे देना भी कोई मजाक नहीं है, जरूर कोई ऐसी बात है जो बहुत अंदर तक मीनाक्षी को परेशान कर रही होगी। इसीलिए उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया।








