27% ओबीसी आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी ओबीसी महासभा, 15 अक्टूबर को प्रदेशभर में बड़ा प्रदर्शन
भोपाल। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कराने को लेकर ओबीसी महासभा ने अब अपनी रणनीति और पैनी कर ली है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद संगठन ने इस मामले को लेकर शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके साथ ही, हक और अधिकारों की इस लड़ाई को सड़क पर ले जाने के लिए प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।
15 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
आंदोलन के पहले चरण में ओबीसी महासभा 15 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी। इस दौरान महासभा के प्रतिनिधिमंडल और कार्यकर्ता रैली निकालकर जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
संगठन की मुख्य मांग है कि राज्य सरकार ओबीसी वर्ग के युवाओं और अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए 27 फीसदी आरक्षण को संवैधानिक संरक्षण दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी करे।
सड़क से लेकर शीर्ष अदालत तक आर-पार का मूड
महासभा के प्रांतीय पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी के अनुपात में 27 प्रतिशत आरक्षण उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
संगठन ने साफ किया है कि जब तक आरक्षण की यह व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू नहीं हो जाती, तब तक सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई और मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा। 15 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद आंदोलन के अगले चरणों की घोषणा की जाएगी।











