71वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर दुनिया देखेगी भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विरासत की झलक

नई दिल्ली। राजपथ पर रविवार को दुनिया भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का दम देखेगी। 71वें गणतंत्र दिवस की परेड में ब्राजील के राष्ट्रपति जेएम बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे। गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में जमीन से लेकर आकाश तक सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई और पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के हजारों जवान चप्पे चप्पे पर कड़ी निगरानी रखेंगे।

एंटी सैटेलाइट हथियार शक्ति, सेना का युद्ध टैंक भीष्म और वायुसेना में हाल ही में शामिल किए गए चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर इस ग्रैंड परेड का हिस्सा होंगे। इसके 16 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश और छह विभिन्न मंत्रालयों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक व आर्थिक प्रगति का प्रदर्शन करेंगी। पीएम नरेंद्र मोदी के नेशनल वार मेमोरियल जाने के साथ ही गणतंत्र दिवस परेड समारोह का आगाज होगा। यह पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति की जगह वार मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद पीएम व अन्य गणमान्य अतिथि सलामी मंच की ओर जाएंगे, जहां वे परेड के साक्षी बनेंगे। परंपरा के अनुसार, ध्वजारोहण करने के बाद राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सलामी लेने के बाद परेड का समापन होगा।

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