1000619001

महापौर प्रीति संजीव सूरी ने आहूत की जलप्रदाय विभाग की बैठक,आगामी ग्रीष्म ऋतु को लेकर दिए निर्देश

महापौर प्रीति संजीव सूरी ने आहूत की जलप्रदाय विभाग की बैठक,आगामी ग्रीष्म ऋतु को लेकर दिए निर्दे कटनी।आगामी ग्रीष्म ऋतु…

Read More
1000618993 1

सायना स्कूल बायपास गेट पर सुविधाओं की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं ने विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक को साधुवाद दिया।  

कटनी। माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज महाकुंभ में माँ गंगा में शाही स्नान के लिए जाने वाले श्रद्घालुओं की…

Read More
Pandora Mission: नासा का ‘पेंडोरा मिशन’, क्या खुलने वाला है ब्रह्मांड का रहस्यमयी पिटारा?

Pandora Mission: नासा का ‘पेंडोरा मिशन’, क्या खुलने वाला है ब्रह्मांड का रहस्यमयी पिटारा?

Pandora Mission: नासा का ‘पेंडोरा मिशन’, क्या खुलने वाला है ब्रह्मांड का रहस्यमयी पिटारा?,जब भी हम अंतरिक्ष की बात करते…

Read More
अंतरिक्ष से लौटने पर सुनीता विलियम्स को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा? आखिरकार 8 महीनों से अंतरिक्ष में फंसी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स की वापसी का प्लान फाइनल हो गया है. उन्हें 12 मार्च को धरती पर लाया जाएगा. इतने लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने के कारण अब उनकी सेहत पर कई प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. आइए समझते हैं कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. अंतरिक्ष से लौटने पर सुनीता विलियम्स को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा? मार्च में स्पेस से लौटेंगी सुनीता विलियम्स TV9 Bharatvarsh TV9 Bharatvarsh | Updated on: Feb 13, 2025 | 1:25 PM अंतरिक्ष से धरती पर लौटना इतना आसान नहीं. 8 दिनों के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) भेजी गईं भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आखिरकार 12 मार्च 2025 को धरती पर लौटने वाली हैं. उन्हें और उनके साथी बुच विलमोर को स्पेसक्राफ्ट “स्टारलाइनर” के जरिए वापस आना था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते यह मिशन अनुमान से अधिक लंबा खिंच गया. नतीजा यह हुआ कि 8 दिनों की यात्रा अब 8 महीनों में बदल गई. इतने लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने के कारण अब उनकी सेहत पर कई प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. आइए समझते हैं कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इन 7 तरह के मुश्किलों का करना पड़ सकता है सामना 1. चलना-फिरना हो सकता है मुश्किल: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं. वहां कोई भी काम करने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती क्योंकि हर चीज हवा में तैरती रहती है. लेकिन धरती पर लौटते ही शरीर को गुरुत्वाकर्षण के साथ तालमेल बिठान पड़ता है. यही वजह है कि एस्ट्रोनॉट्स को पहले कुछ दिनों तक चलने फिरने और संतुलन बनाने में मुश्किल होती है. ये भी पढ़ें PM मोदी को ठहराने के लिए वाशिंगटन का ब्लेयर हाउस ही क्यों चुना गया? PM मोदी को ठहराने के लिए वाशिंगटन का ब्लेयर हाउस ही क्यों चुना गया? कैसे भारत को बदनाम करने की किताबी कोशिश सरोजिनी नायडू ने की थी नाकाम? कैसे भारत को बदनाम करने की किताबी कोशिश सरोजिनी नायडू ने की थी नाकाम? धरती पर सूरज... क्या है फ्रांस का ITER प्रोजेक्ट, जिसका भारत हिस्सा? धरती पर सूरज... क्या है फ्रांस का ITER प्रोजेक्ट, जिसका भारत हिस्सा? 2. हड्डियों पर असर: ISS में महीनों तक रहने से हड्डियों का घनत्व हर महीने लगभग 1% तक कम हो जाता है. खासतौर पर पैरों, पीठ और गर्दन की हड्डियां अधिक प्रभावित होती हैं. इससे सुनीता को वापस आने के बाद शारीरिक गतिविधियों में तकलीफ हो सकती है. 3. संतुलन और कोऑर्डिनेशन में दिक्कत: हमारे कानों और मस्तिष्क में एक खास संतुलन प्रणाली जिसे वेस्टिबुलर सिस्टम कहते हैं शरीर को स्थिर रहने में मदद करती है. अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के कारण यह प्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे संतुलन बनाए रखना कठिन हो सकता है. ऐसे में सुनीता को खड़े होने, चलने और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बनाने में दिक्कत हो सकती है. 4. आंखों पर प्रभाव: स्पेस में जीरो ग्रैविटी के कारण शरीर का तरल पदार्थ सिर की ओर बढ़ जाता है, जिससे आंखों के पीछे की नसों पर दबाव पड़ता है. इसे इसे स्पेसफ्लाइट एसोसिएटेड न्यूरो-ओकुलर सिंड्रोम (SANS) कहा जाता है. इसका असर उनकी दृष्टि पर पड़ सकता है और हो सकता है कि उन्हें चश्मा लगाने की जरूरत पड़े. 5. माइक्रोग्रैविटी की आदत: अंतरिक्ष में महीनों बिताने के बाद एस्ट्रोनॉट्स माइक्रोग्रैविटी के आदी हो जाते हैं. वहां किसी भी चीज को छोड़ने पर वह तैरती रहती है, लेकिन धरती पर लौटने के बाद भी उनका मस्तिष्क उसी तरीके से काम करता है. ऐसे में शुरुआत में वे अनजाने चीजों को हवा में छोड़ देते हैं, ये भूलकर कि अब वे गिर जाएंगी. 6. इम्यून सिस्टम और रेडिएशन का प्रभाव: स्पेस में हाई-लेवल रेडिएशन के संपर्क में रहने से एस्ट्रोनॉट्स की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है. इससे उन्हें संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा, लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से डीएनए में बदलाव, हृदय से जुड़ी समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. 7. अंतरिक्ष एनीमिया: एक चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि अंतरिक्ष में रहते हुए उनका खून धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है. इसे अंतरिक्ष एनीमिया यानी Space Anaemia कहा जाता है. दरअसल, हमारी धरती पर शरीर हर सेकंड 20 लाख रेड ब्लड सेल्स बनाता और नष्ट करता है. लेकिन जब कोई अंतरिक्ष में जाता है, तो यह संतुलन बिगड़ जाता है. नेचर मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, छह महीने की अंतरिक्ष यात्रा के दौरान एस्ट्रोनॉट्स का शरीर हर सेकंड 30 लाख रेड ब्लड सेल्स नष्ट करने लगता है, यानी सामान्य से 54% ज्यादा. धरती पर लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट्स को कमज़ोरी, थकान, सुस्ती महसूस हो सकती है. तो सुनीता विलियम्स कब तक पूरी तरह रिकवर होंगी? धरती पर लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट्स को सामान्य जीवन में वापस आने में 45 दिन से लेकर कुछ महीनों या एक साल तक का समय लग सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे कितने समय तक अंतरिक्ष में रहे हैं और उनके शरीर पर इसका कितना असर पड़ा है. सुनीता की सेहत को लेकर डॉक्टर्स भी सतर्क हैं और उनके रिकवरी प्लान को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है. आने वाले महीनों में मेडिकल सुपरविजन और फिजिकल थेरेपी के जरिए उन्हें सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया जाएगा.

sunita williums Astronaut: अंतरिक्ष से लौटने पर सुनीता विलियम्स को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?

sunita williums Astronaut: अंतरिक्ष से लौटने पर सुनीता विलियम्स को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?, अंतरिक्ष से लौटने पर…

Read More
falgun

Falgun Festival 2025: फाल्गुन माह में भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान!

Falgun Festival 2025: फाल्गुन माह में भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान!, फाल्गुन महीने का हिंदू…

Read More
1000618841

मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने गजरथ महोत्सव में शामिल होकर लिया मुनि श्रीं जी का आशीर्वाद

कटनी। जैन समाज द्वारा आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव में शामिल होने आज मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री…

Read More
Screenshot 20250213 143938 Chrome

शब-ए-बारात पर हलवा बनाने की परंपरा: जानें इसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में

शब-ए-बारात पर हलवा बनाने की परंपरा: जानें इसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में। अकीदा और अकीदत, इसका इंसान…

Read More
IMG 20250213 WA0040

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कॉंग्रेस ट्रेड यूनियन द्वारा नगर निगम में किया धरना प्रदर्शन

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कॉंग्रेस ट्रेड यूनियन द्वारा नगर निगम में किया धरना प्रदर्श कटनी-अखिल…

Read More
aap mla amanatullah khan

अमानतुल्लाह खान को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर 24 फरवरी तक रोक

अमानतुल्लाह खान को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर 24 फरवरी तक रोक। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह…

Read More
22 08 2020 ganesh katha 20652634

महाशिवरात्रि पर विवाह बाधा निवारण के लिए करें ये विशेष पूजा और उपाय, मिलेगी मनचाही सफलता!

Mahashivratri Upay For Marriage: महाशिवरात्रि पर विवाह बाधा निवारण के लिए करें ये विशेष पूजा और उपाय, मिलेगी मनचाही सफलता!।…

Read More
IMG 20250213 WA0030

समर्थन मूल्य धान खरीदी के लंबित भुगतान पर अविलंब किये जाने एवं 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 54 सहकारी समितिओं के सदस्यों ने जिला कार्यालय एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड कटनी.में की नारेबाजी किया विरोध प्रदर्शन

समर्थन मूल्य धान खरीदी के लंबित भुगतान पर अविलंब किये जाने एवं 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 54 सहकारी समितिओं…

Read More