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2 साल में 10वीं बार टूटी शताब्‍दी एक्‍सप्रेस की सेफ्टी स्प्रिंग, टला बड़ा हादसा

भोपाल। नई दिल्ली से चलकर मंगलवार दोपहर हबीबगंज पहुंची शताब्दी एक्सप्रेस का प्रायमरी सेफ्टी स्प्रिंग (कोच की ट्रॉली व पहिए के बीच) टूटा मिला। शताब्दी में स्प्रिंग टूटने की यह 10वीं घटना है। इस बार कोच सी-10 का स्प्रिंग टूटा था। रेलवे के अधिकारियों ने आनन-फानन में कोच काटकर हटा दिया। इस कारण ट्रेन 45 मिनट देरी से दिल्ली के लिए रवाना हुई।

स्प्रिंग टूटने के बारे में जैसे ही यात्रियों को पता चला तो वे भड़क गए और हंगामा करने लगे। जिन यात्रियों का रिजर्वेशन कोच सी-10 में था उनका कहना था कि बार-बार स्प्रिंग टूट रहे हैं। फिर भी सबक नहीं लिया जा रहा। लगता है रेलवे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? रेलवे के अधिकारियों ने नाराज यात्रियों को दूसरे कोच में बैठाया और ट्रेन को 3.45 बजे रवाना किया गया।

शताब्दी एक्सप्रेस मंगलवार तय समय दोपहर 2.25 बजे हबीबगंज स्टेशन पहुंच गई थी। जब ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी थी तब जांच के दौरान रेलवे के कर्मचारियों को कोच सी-10 का प्रायमरी सेफ्टी स्प्रिंग टूटा दिखा। इसकी सूचना रेलवे के कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से कोच को काटने के निर्देश मिले। इसके बाद टूटे हुए सेफ्टी स्प्रिंग वाले कोच सी-10 को अलग कर हबीबगंज यार्ड में भेज दिया गया। इस प्रक्रिया में 45 मिनट लगे, तब जाकर ट्रेन दोपहर 3.45 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना की गई। तब तक यात्री परेशान होते रहे।

हर बार काटना पड़ता है कोच

दिसंबर 2016 से अक्टूबर 2018 तक 21 महीने में 10 बार शताब्दी के सेफ्टी स्प्रिंग टूट चुके हैं। स्प्रिंट टूटने के कारण हर बार कोच को काटना पड़ता है, जिससे यात्री परेशान होते हैं। ये स्प्रिंग जर्मन कंपनी एलपीडीएम द्वारा सप्लाई किए गए थे, जो कपूरथला कोच फैक्ट्री ने शताब्दी के एलएचबी कोच (जर्मन कंपनी लिंक हॉफमैन बुश के सहयोग से तैयार आधुनिक कोच) में लगाए थे।

विदेशी स्प्रिंग के बार-बार टूटने के बाद मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत रेलवे ग्वालियर रेल स्प्रिंग कारखाना में स्वदेशी स्प्रिंग बनवा रहा है। ये स्प्रिंग ही कोच में लगाए जा रहे थे, जो सितंबर 2017 से अब तक चार बार टूट चुके हैं।

बता दें कि सोमवार को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई से निकला ट्रेन-18 का पहला स्वदेशी रैक शताब्दी को मिलना है, इसके बाद ही यात्रियों को राहत मिलेगी।

100 कोच के स्प्रिंग बदल चुका है रेलवे

एक साल पहले खबर प्रकाशित कर बताया था कि जर्मन कंपनी द्वारा सप्लाई स्प्रिंग के मटेरियल में गड़बड़ी है। इसके कारण स्प्रिंग टूट रहे हैं। नवदुनिया की खबर के बाद फरवरी 2017 में रेलवे बोर्ड ने जांच कराई। इसमें पता चला कि विदेशी कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए स्प्रिंग के लॉट में ही गड़बड़ी है। इसके बाद रेलवे ने 100 कोच के स्प्रिंग बदलवा दिए थे। विदेशी कंपनी एलपीडीएम को ब्लैक लिस्ट भी किया था। इसके बाद ग्वालियर में स्प्रिंग बनवाए जा रहे हैं।

ये हो सकते हैं स्प्रिंग टूटने के कारण

1- विदेशी कंपनी ने पूर्व में जो स्प्रिंग सप्लाई किए हैं, वे अभी भी कुछ कोचों में लगे होंगे, जो टूट रहे हैं।

2- कोच में लगाए जा रहे ग्वालियर रेल स्प्रिंग कारखाने में तैयार स्प्रिंग में भी गड़बड़ी होगी।

स्प्रिंग टूटना इस तरह पड़ सकता है महंगा

रेल अधिकारियों का कहना है कि शताब्दी 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है। इतनी तेज रफ्तार में स्प्रिंग टूटने से संबंधित कोच पटरी से उतर सकता है। ऐसा हुआ तो बड़ा हादसा होगा।

18 कोच थे, दिल्ली जाते समय 17 कोच से गई शताब्दी

मंगलवार को नई दिल्ली से हबीबगंज पहुंची शताब्दी एक्स. के रैक में 18 कोच थे। वापसी में यह ट्रेन 17 कोच से ही रवाना हुई। इसमें 13 एसी चेयरकार, 2 एक्जीक्यूटिव चेयरकार व 2 पावरकार कोच शामिल थे। हबीबगंज स्टेशन पर स्प्रिंट टूटने के कारण सी-10 कोच काटना पड़ा। इसे फिट करने के बाद दिल्ली भेजा जाएगा।

शताब्दी को ही मिलेगा ट्रेन-18 का रैक

ट्रेन-18 का कोच हबीबगंज-नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को ही मिलेगा। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रियंका दीक्षित ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है। नवदुनिया ने 22 अगस्त 2018 को प्रकाशित समाचार में सबसे पहले बताया था कि ट्रेन-18 नाम से इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में तैयार किया जा रहा रैक शताब्दी को मिलेगा।

इस तरह टूटे स्प्रिंग

दिसंबर 2016

-17 दिसंबर को कोच सी-12 व 19 दिसंबर को कोच सी-7 और 26 दिसंबर को कोच सी-5 के स्प्रिंग टूटे।

जनवरी 2017

-2 जनवरी को बीना से भोपाल के बीच स्प्रिंग टूटा।

फरवरी 2017

-2 फरवरी को गंजबासौदा, 14 फरवरी को भोपाल में कोच सी-14 के स्प्रिंग टूटे।

सितंबर 2017

  • 4 सितंबर को बीना के पहले पावर कार कोच के पहिए व 24 सितंबर को कोच सी-7 का स्प्रिंग टूटा।

अगस्त 2018

-19 अगस्त को हबीबगंज में कोच सी-8 के पहिए का सेफ्टी स्प्रिंग टूटा मिला।

अक्टूबर 2018

-30 अक्टूबर को कोच सी-10 के पहिए में लगा प्रायमरी सेफ्टी स्प्रिंग टूटा मिला।

यात्रियों का विरोध ये तो हद हो गई

शताब्दी जैसी ट्रेन के स्प्रिंग बार-बार टूटने से किसी बड़ी घटना का अंदेशा है। रेलवे किस हादसे का इंतजार कर रहा है।

  • दीपक अवस्थी, यात्री

क्या देख रहे अधिकारी

दिल्ली में ट्रेन के रैक का मेंटेनेंस करने वाले अधिकारी क्या देख रहे हैं? यदि रफ्तार में स्प्रिंग टूटने से हादसा हुआ तो जानमाल का नुकसान होगा।

  • निरंजन वाधवानी, सदस्य मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, भोपाल

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