हाई कोर्ट ने प्रेमिका को साथ रहने की दी अनुमति, 21 का होने के बाद प्रेमीलड़का करेगा शादी

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 अहमदाबाद। गुजरात हाई कोर्ट ने 20 साल की युवती को अपने प्रेमी के साथ रहने की इजाजत दे दी है। युवक अभी लड़की से शादी नहीं कर सका है क्योंकि वह 19 साल का है और कानूनन अभी शादी करने के लिए योग्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि युवती अपने प्रेमी के साथ रह सकती है क्योंकि वह बालिग है और अपनी मां या अन्य रिश्तेदारों के साथ रहने से उसने साफ इंकार कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि युवती बालिग है और कानून के तहत अपनी मर्जी से वह जिसके साथ रहना चाहे, रह सकती है। राज्य सरकार ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया है कि युवती जहां भी रहेगी, पुलिस उसे सुरक्षा मुहैया कराएगी।

दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने एक हेबियस कोर्पस के मामले में यह फैसला दिया है। सुरेंद्रनगर के युवक ने 19 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका पेश कर कहा कि उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली युवती को उसके माता-पिता उठा ले गए हैं। उसे उसकी इच्छा के खिलाफ बंदी बनाकर रखा गया है। युवती बालिग है, उसे इस तरह नहीं रखा जा सकता है।

युवक ने कोर्ट में बताया कि कानूनन उसकी विवाह की उम्र अभी नहीं हुई है, लिहाजा उसने लिव-इन में रहने के लिए युवती से कॉन्ट्रेक्ट किया है। लड़की जून में अपने घर से चली गई थी, जिसके 10 दिनों के बाद लड़की के परिजनों ने उसे ढूंढ़ निकाला और उसे अपने साथ ले गए थे।

इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने युवती को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। कोर्ट ने युवती से पूछने पर बताया कि वह उसके माता-पिता या अन्य संबंधियों के साथ नहीं रहना चाहती। उसे कानूनी प्रावधानों के अनुसार रिहा करवाया जाए।

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युवती की दलीलों को ध्यान में रखते हुए जस्टिस एआर ब्रह्मभट्ट और जस्टिस एजी उरेजी की खंडपीठ ने अवलोकन किया कि युवती बालिग है। यदि वह अपनी माता के साथ रहना नहीं चाहती, तो याचिका के अनुसार अपनी मर्जी से कहीं भी रहने के लिए आजाद है। युवती को उसकी इच्छा के अनुसार जहां चाहे पुलिस की सुरक्षा में भेज दिया जाए।